होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

नेपाल बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे 898 कर्मचारी, 361 को बचाया गया; 6 इंच के रास्ते से पहुंच रही हवा

नेपाल बाढ़ के बाद सुरंगों में फंसे 898 कर्मचारी, 361 को बचाया गया; 6 इंच के रास्ते से पहुंच रही हवा

Nepal Flood News: नेपाल बाढ़ रेस्क्यू लाइव: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बचाने के लिए बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। बचाव टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरंगों तक पहुंचने के रास्ते में जमा भारी मलबा और गाद है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 361 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि करीब 898 लोग अब भी सुरंगों के भीतर फंसे हुए बताए जा रहे हैं।

6 इंच के छेद से सुरंग तक पहुंचाई जा रही हवा

त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे कर्मचारियों तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीम लगातार मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी है। राहत कार्य के दौरान सुरंग तक करीब 6 इंच चौड़ा रास्ता तैयार किया गया है। इस छोटे छेद के माध्यम से पाइप डालकर सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक हवा और ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। बचाव दल अब इस रास्ते को और चौड़ा करने की कोशिश कर रहा है, ताकि सुरंग के भीतर सीधे पहुंचने का सुरक्षित मार्ग बनाया जा सके।

मैनहोल बनाकर अंदर पहुंचने की तैयारी

रेस्क्यू ऑपरेशन का अगला चरण सुरंग तक पहुंचने वाले रास्ते को पर्याप्त चौड़ा करना है। बचावकर्मियों की योजना यहां एक मैनहोल तैयार करने की है, जिसके जरिए टीम के सदस्य सुरंग के अंदर प्रवेश कर सकेंगे। यदि रास्ता सुरक्षित तरीके से तैयार हो जाता है तो बचाव दल फंसे कर्मचारियों तक सीधे पहुंचकर उन्हें चरणबद्ध तरीके से बाहर निकालने का अभियान शुरू कर सकता है। हालांकि, सुरंग के आसपास बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और गाद जमा होने के कारण अभियान बेहद कठिन बना हुआ है।

26 अगस्त को अचानक आई थी विनाशकारी बाढ़

नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ने के बाद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी। तेज बहाव ने आसपास के क्षेत्रों के साथ ही कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी प्रभावित किया। बाढ़ की चपेट में आने से कुछ हाइड्रोपावर परियोजनाओं के कर्मचारी सुरंगों और अन्य हिस्सों में फंस गए। इसके बाद से ही अलग-अलग स्थानों पर राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

नेपाल में मौत का आंकड़ा 734 पहुंचने का दावा, हजारों लोग लापता

नेपाल की इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, 2,498 लोगों के अब भी लापता बताए जाने से राहत एवं बचाव एजेंसियों के सामने चुनौती और बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाने, लापता लोगों की तलाश करने और फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है। कई क्षेत्रों में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।

शवों को सुरक्षित रखने के लिए नेपाल ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद

बाढ़ से बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद नेपाल को शवों के सुरक्षित संरक्षण की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। नेपाल सरकार की ओर से दूसरे देशों से फ्रीजर और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं के लिए सहयोग मांगे जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि नदियों के निचले इलाकों से बड़ी संख्या में शव बरामद हुए हैं। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शवों के तेजी से खराब होने की आशंका को देखते हुए उन्हें सुरक्षित रखने की चुनौती बढ़ गई है।

सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता

फिलहाल बचाव अभियान का सबसे अहम लक्ष्य सुरंगों में फंसे करीब 898 कर्मचारियों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचना है। 6 इंच के छोटे छेद से हवा पहुंचाने के बाद अब बचाव दल इसे बड़ा कर मैनहोल के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। मलबा हटाने के लिए मशीनों का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। राहतकर्मियों को उम्मीद है कि सुरंग तक सुरक्षित रास्ता तैयार होने के बाद अंदर फंसे कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से बाहर निकाला जा सकेगा। हालांकि, स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है और रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
 


संबंधित समाचार