होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

MP में कांग्रेस शुरू करेगी "नो सुसाइड कैंपेन", उमंग सिंघार ने पेपर लीक और छात्र आत्महत्याओं पर सरकार को घेरा

MP में कांग्रेस शुरू करेगी "नो सुसाइड कैंपेन", उमंग सिंघार ने पेपर लीक और छात्र आत्महत्याओं पर सरकार को घेरा

भोपाल : मध्य प्रदेश सहित देशभर में परीक्षा रद्द और पेपर लीक होने के चलते कई छात्रों ने अपनी जान देकर जीवन लीला समाप्त कर ली। छात्रों में तनाव इस कदर था कि उन्होंने पढ़ने और परीक्षा देने की जगह मरना ज्यादा ठीक लगा। छात्रों की लगातार होती मौत को देख कांग्रेस ने जहां एक तरफ बीजेपी पर हमला बोला है। तो वही दूसरी तरफ एनएसयूआई ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिसके माध्यम से कांग्रेस छात्रों को इस तरह के खौफनाक कदम उठाने से रोकने का प्रयास करेगी। 

छात्रों ने आत्महत्या से पीएम को नहीं पड़ता फर्क 

इसी कड़ी में आज नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और एनएसयूआई के राष्ट्रीय समन्वयक अंशुल त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमे उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्र आत्महत्याओं जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा। उमंग सिंघार ने कहा कि छात्रों ने आत्महत्या की लेकिन पीएम मोदी को कोई फर्क नहीं पड़ता, क्यों कि वो उन्हें देश के बच्चे ही नहीं समझते। सिंघार ने कहा कि अभिभावक कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाते है। लेकिन पेपर लीक और भर्ती परीक्षाएं रद्द हो जाती है। जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। 

 9 अगस्त को संसद भवन तक हगा मार्च 

उमंग ने कहा कि वो  9 अगस्त को छात्रों के मुद्दों को लेकर संसद भवन तक मार्च निकालेंगे और शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्र आत्महत्याओं जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर तंज कस्ते हुए कहा कि बीजेपी ने भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बना लिया है, यही वजह है कि मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते। उमंग ने कहा कि हमारी नई पीढ़ी के लिए हम सबको खड़ा होना पड़ेगा। 

अभियान देश के 28 शहरों में एक साथ शुरू

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंशुल त्रिवेदी ने बताया कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान देश के 28 शहरों में एक साथ शुरू किया गया है। इसके तहत एनएसयूआई कार्यकर्ता कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में पहुंचकर छात्रों से संवाद करेंगे तथा उन्हें शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक की घटनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं दुनिया के कई देशों में होती हैं, लेकिन भरता में सिर्फ आत्महत्याएं होती है।

नीट पेपर में 21 छात्रों ने की आत्महत्या

नीट पेपर लीक मामले में 21 छात्रों ने आत्महत्या की। लेकिन सरकार को कई फर्क नहीं पड़ता। इन छात्रों ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि ये सिस्टम की लापरवाही से हत्या हुई है। इसी कड़ी में अब हम कॉलेजों में जाकर नो सुसाइड कैंपेन चलाएंगे। जिसकी शुरुआत जल्द की जाएगी। 


संबंधित समाचार