नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम का आने वाला समय बेहद व्यस्त रहने वाला है। अगले 15 से 18 महीनों तक टीम इंडिया का शेड्यूल इस कदर भरा हुआ है कि खिलाड़ियों को आराम का मौका मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। IPL से लेकर लगातार अंतरराष्ट्रीय सीरीज, एशियन गेम्स और 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों तक क्रिकेट का सिलसिला बिना रुके जारी रहेगा। हाल ही में आयरलैंड दौरे के ऐलान के बाद इस व्यस्त कैलेंडर पर अंतिम मुहर लग गई है। जून में होने वाली दो टी20 मैचों की सीरीज भले ही छोटी हो, लेकिन इसे बड़े टूर्नामेंट्स के बीच इस तरह फिट किया गया है कि खिलाड़ियों की थकान और बढ़ सकती है।
IPL से शुरू होगा क्रिकेट का मैराथन:
28 मार्च से शुरू होने वाला IPL इस लंबे क्रिकेट सीजन की शुरुआत करेगा। लगभग 2 महीने तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के बाद टीम इंडिया सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतर जाएगी। इसके बाद जून में अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज, फिर आयरलैंड दौरा और उसके तुरंत बाद इंग्लैंड का दौरा प्रस्तावित है। अगस्त-सितंबर में बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ सीरीज की संभावना है, जबकि साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ लंबा दौरा भी शामिल हो सकता है।
वर्ल्ड कप 2027 पर नजर:
इन सभी सीरीज और टूर्नामेंट्स का मुख्य उद्देश्य 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी है। इसके अलावा एशिया कप और एशियन गेम्स जैसे बड़े इवेंट्स भी इस शेड्यूल का हिस्सा हैं। इस दौरान टीम मैनेजमेंट को खिलाड़ियों को आजमाने के भरपूर मौके मिलेंगे, लेकिन आराम के लिए समय निकालना बड़ी चुनौती होगी।
खिलाड़ियों पर बढ़ता दबाव:
भारतीय क्रिकेट की वैश्विक लोकप्रियता और बाजार वैल्यू इतनी ज्यादा है कि हर क्रिकेट बोर्ड भारत के साथ सीरीज खेलने को उत्सुक रहता है। इससे बोर्ड और प्रसारण कंपनियों को फायदा होता है, लेकिन इसका सीधा असर खिलाड़ियों पर पड़ता है। लगातार मैच, लंबी यात्राएं और तीनों फॉर्मेट में खेलने का दबाव खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। खासकर ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी सबसे ज्यादा दबाव झेलते हैं।
BCCI का प्लान: तीन अलग-अलग टीमें:
इस चुनौती से निपटने के लिए BCCI ने टेस्ट, वनडे और टी20 के लिए अलग-अलग टीमों का फॉर्मूला अपनाया है। इससे कुछ हद तक खिलाड़ियों को राहत मिलती है, लेकिन पूरी तरह समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। टीम इंडिया का आने वाला क्रिकेट कैलेंडर जितना रोमांचक है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। जहां एक तरफ फैंस को लगातार मैच देखने को मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर खिलाड़ियों की फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी होगा।