सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रामानुजनगर विकासखंड के गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर कथित तौर पर ताला लगा होने के कारण प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। आरोप है कि महिला ने अस्पताल के गेट के सामने ही बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी राजेश पटेल और स्टाफ नर्स प्रमिला गिरी को निलंबित कर दिया है।
रात 11 बजे गर्भवती महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन
मिली जानकारी के अनुसार, पवनपुर तलवापारा निवासी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद परिजन रात करीब 11 बजे गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था और उस समय कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने के बावजूद महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं और रात्रिकालीन ड्यूटी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल के गेट के सामने महिला ने दिया बच्चे को जन्म
परिजनों के मुताबिक, महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती गई और इसी दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट के सामने ही उसका प्रसव हो गया। जन्म के बाद नवजात की मौत हो गई। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर लेकर पहुंचे। इस घटना से परिवार में दुख का माहौल है। वहीं, स्वास्थ्य केंद्र में समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने के आरोपों के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
नवजात की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, अस्पताल के बाहर प्रदर्शन
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों ने गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर प्रदर्शन कर संबंधित कर्मचारियों की कथित लापरवाही पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र में समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभारी और स्टाफ नर्स को किया निलंबित
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी राजेश पटेल और स्टाफ नर्स प्रमिला गिरी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई नवजात की मौत और स्वास्थ्य केंद्र में कथित तौर पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों के बीच की गई है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर उठे सवाल
गणेशपुर की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर बहस छेड़ दी है। गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव के दौरान समय पर चिकित्सा सहायता, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी और आपात स्थिति में उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित ड्यूटी का पालन, रात के समय चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और मरीजों को तत्काल सहायता देने की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। फिलहाल, इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की कार्रवाई सामने आई है। घटना के अन्य पहलुओं और कथित लापरवाही की वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।