दोरनापाल। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में स्थित पोलमपल्ली कन्या पोटाकेबिन में बड़ी संख्या में छात्राओं के अचानक बीमार पड़ने से स्वास्थ्य और आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि कुम्हड़ा की सब्जी खाने के बाद छात्राओं में उल्टी-दस्त और बुखार जैसी समस्याएं सामने आईं। कुल 35 छात्राओं को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि एक छात्रा की हालत अधिक बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
एक साथ बिगड़ी 35 छात्राओं की तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को पोटाकेबिन की छात्राओं को भोजन में तीनों समय कुम्हड़ा की सब्जी परोसी गई थी। इसके बाद अगले दिन कई छात्राओं को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत होने लगी। तबीयत खराब होने पर छात्राओं को दोरनापाल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। बीमार छात्राओं को अलग-अलग चरणों में अस्पताल पहुंचाया गया। पहले चरण में 15, दूसरे चरण में 14 और तीसरे चरण में 6 छात्राओं को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों की देखरेख में सभी छात्राओं का इलाज किया गया।
चौथी कक्षा की छात्रा की हालत बिगड़ी, जिला अस्पताल रेफर
बीमार छात्राओं में चौथी कक्षा की छात्रा लक्ष्मी सोढ़ी की तबीयत अधिक खराब बताई गई। उसे उल्टी-दस्त के साथ तेज बुखार की शिकायत थी। हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जानकारी के मुताबिक छात्रा का इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं, दोरनापाल अस्पताल में भर्ती अन्य छात्राओं की हालत सामान्य बताई जा रही है।
भोजन, पानी और स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल
एक ही आवासीय संस्थान की 35 छात्राओं के बीमार पड़ने के बाद पोटाकेबिन की भोजन व्यवस्था, स्वच्छता और पेयजल सुविधाओं की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं जानकारी के अनुसार, पोटाकेबिन में शौचालयों की नियमित साफ-सफाई को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। साथ ही छात्राओं के पीने के पानी में फिल्टर के नियमित उपयोग को लेकर भी सवाल उठे हैं। ऐसे में यह जांच का विषय बन गया है कि बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ बीमार पड़ने की वजह केवल भोजन है या फिर पानी और स्वच्छता से जुड़ी कोई अन्य समस्या भी इसके पीछे जिम्मेदार है। मामले की जांच के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारण की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
कलेक्टर अमित कुमार ने अस्पताल पहुंचकर लिया छात्राओं का हाल
घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर अमित कुमार जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से बीमार छात्राओं के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। कलेक्टर ने डॉक्टरों को छात्राओं को आवश्यक और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी बीमारी की असली वजह
फिलहाल छात्राओं के बीमार पड़ने के कारणों को लेकर जांच जरूरी मानी जा रही है। कुम्हड़ा की सब्जी खाने के बाद बड़ी संख्या में छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है, लेकिन बीमारी की वास्तविक वजह स्वास्थ्य जांच और संबंधित रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। इस घटना ने एक बार फिर आवासीय विद्यालयों और पोटाकेबिनों में बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य निगरानी की व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता को सामने ला दिया है।