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छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती: जुर्माना नहीं भरने वालों को कोर्ट से नोटिस, कैमरों से हो रही निगरानी

छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती: जुर्माना नहीं भरने वालों को कोर्ट से नोटिस, कैमरों से हो रही निगरानी

छत्तीसगढ़ में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जा रहा है। परिवहन विभाग ने चालान काटने के साथ-साथ जुर्माना नहीं भरने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई शुरू कर दी है।

जनवरी से 31 मार्च के बीच ऐसे करीब 40 हजार वाहन मालिकों की पहचान की गई है, जिन्होंने नियम तोड़ने के बाद भी जुर्माना जमा नहीं किया। अब इन सभी को कोर्ट के जरिए चालान भेजा जा रहा है, ताकि जुर्माने की राशि की वसूली सुनिश्चित की जा सके।

ऑनलाइन भुगतान में मदद के लिए हेल्प डेस्क

विभाग के अनुसार, कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें ऑनलाइन चालान भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी जिला परिवहन कार्यालयों में हेल्प डेस्क शुरू किए गए हैं। यहां लोगों को चालान जमा करने में सहायता दी जा रही है। इसके बावजूद जो लोग भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामलों को कोर्ट में भेजा जा रहा है।

कैमरों से हो रही निगरानी

राज्य में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए टोल प्लाजा और प्रमुख स्थानों पर स्वचलित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे उन वाहनों की पहचान करते हैं जिनकी फिटनेस, बीमा या प्रदूषण प्रमाणपत्र अपडेट नहीं होते। कैमरे में आने के कुछ ही मिनटों के भीतर वाहन मालिक को चालान की सूचना मोबाइल पर भेज दी जाती है, जिससे तुरंत जानकारी मिल जाती है।

कैमरों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

राज्य में पहले से ही करीब 175 स्थानों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा अगले तीन महीनों में 320 और स्थानों पर कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है। इससे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर और प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

सड़क हादसों को रोकने की कोशिश

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में 6 हजार से अधिक लोगों की जान गई थी। औसतन हर दिन 16 से 17 लोगों की मौत सड़क हादसों में हो रही है।

इन हादसों का मुख्य कारण तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना बताया गया है। इसी वजह से निगरानी को और सख्त किया जा रहा है, ताकि लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़े और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

स्पीड कैमरों से ओवरस्पीड पर नजर

राजधानी रायपुर के कई प्रमुख इलाकों जैसे तेलीबंधा, वीआईपी रोड और मंदिर हसौद में लेजर बेस्ड स्पीड कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे दूर से ही वाहन की गति और नंबर प्लेट रिकॉर्ड कर लेते हैं। एक सप्ताह के भीतर ही मंदिर हसौद क्षेत्र में 500 से अधिक ओवरस्पीड के मामले सामने आए हैं, जिनमें ज्यादातर भारी वाहन शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा उल्लंघन

मंदिर हसौद और नवा रायपुर क्षेत्र में सबसे ज्यादा ओवरस्पीड के मामले दर्ज किए गए हैं। यहां वाहन चालक निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज गति से वाहन चलाते पाए गए हैं। शहर के अंदर भी कई स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक गति देखने को मिली है, जिसके चलते चालान की संख्या बढ़ी है।


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