Gwalior Nursing Colleges: मध्य प्रदेश में बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज घोटाले के बीच मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एक सख्त और ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। हाई कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश में बड़ा संशोधन करते हुए अंचल के 56 दागी और अनफिट नर्सिंग कॉलेजों को परीक्षा प्रक्रिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
अदालत के इस नए आदेश के बाद इन 56 कॉलेजों के छात्रों की परीक्षाओं और उनके रिजल्ट पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अब प्रदेश में केवल 189 नर्सिंग कॉलेज ही पात्र माने गए हैं, जो परीक्षा और संचालन के सभी मानकों पर खरे उतरे हैं। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने साफ कर दिया है कि जो कॉलेज इंफ्रास्ट्रक्चर, फेक फैकल्टी और बुनियादी मानकों में अनफिट या दागी पाए गए हैं, उन्हें किसी भी सूरत में क्लीन चिट नहीं मिलेगी।
अदालत ने आदेश संशोधित करते हुए 56 नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों की आगामी नर्सिंग और जीएनएम परीक्षाओं पर रोक लगा दी है, साथ ही उनके रिजल्ट को भी होल्ड करने के निर्देश जारी किए हैं। हाई कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि केवल वही कॉलेज संचालन और परीक्षा के अधिकारी होंगे जो फिट घोषित हैं। जो कॉलेज सिर्फ फाइलों और कागजों में बिना अस्पताल और बिना स्टाफ के कुकुरमुत्ते की तरह चल रहे थे, अदालत ने हमेशा के लिए जमींदोज कर दिया है।
राजनैतिक और कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि हाई कोर्ट के इस संशोधन के बाद मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग और नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों में भी खलबली मच गई है, क्योंकि अब अपात्र कॉलेजों के खिलाफ कानूनी तालाबंदी की कार्रवाई और तेज की जाएगी।