छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नई पहल शुरू की है। इसके तहत ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नियम, 2026’ लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
10 से अधिक रोजगार देने पर मिलेगा 10 लाख का अनुदान
नई नीति के अनुसार, ऐसे स्टार्टअप जो कम से कम 10 स्थायी रोजगार सृजित करेंगे, जिनमें राज्य के मूल निवासी कर्मचारी भी शामिल होंगे, उन्हें 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन उन स्टार्टअप्स को दिया जाएगा जो वास्तविक रोजगार सृजन और स्थानीय विकास में योगदान देंगे।
पात्रता के लिए DPIIT मान्यता अनिवार्य
इस योजना का लाभ लेने के लिए स्टार्टअप का Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) से मान्यता प्राप्त होना जरूरी होगा। साथ ही, स्टार्टअप का संचालन या स्थापना छत्तीसगढ़ में होना अनिवार्य है। केवल पारंपरिक व्यापार मॉडल को दोहराने वाले व्यवसाय इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।
सीड फंड और अन्य वित्तीय सहायता का प्रावधान
सरकार ने शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए 10 लाख रुपये तक की सीड फंड सहायता का भी प्रावधान किया है। इसके लिए इनक्यूबेटर की सिफारिश आवश्यक होगी। इसके अलावा किराया अनुदान, तकनीकी सहायता, पेटेंट फाइलिंग, डिजिटल विज्ञापन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी जैसे क्षेत्रों में भी वित्तीय मदद दी जाएगी।
पब्लिक वेलफेयर और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स को अतिरिक्त 5 प्रतिशत अनुदान देने का भी प्रावधान किया गया है। वहीं, SEBI पंजीकृत वेंचर कैपिटल या AIF से निवेश प्राप्त करने वाले स्टार्टअप्स को भी विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
स्टार्टअप्स को सभी लाभ पाने के लिए विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदनों की जांच राज्य स्तरीय स्टार्टअप संवर्धन समिति करेगी। यदि आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो 15 दिनों के भीतर सूचना दी जाएगी और सुधार के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह का नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी लेन-देन बैंकिंग माध्यम से ही किए जाएंगे।
अपील और निगरानी व्यवस्था भी लागू
योजना के तहत पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपील की व्यवस्था भी तय की गई है। जिला स्तर के फैसलों के खिलाफ संचालक उद्योग और आगे विभागीय सचिव के समक्ष अपील की जा सकेगी। साथ ही स्टार्टअप्स की नियमित निगरानी भी की जाएगी। यह नीति औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत लागू रहेगी और पूरे राज्य में नवाचार आधारित उद्यमों को बढ़ावा देगी।