रायपुर। सेवा संकल्प दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और मुलाकातों से जुड़े कई संस्मरण साझा किए। हरिभूमि-आईएनएच न्यूज के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के साथ विशेष बातचीत में डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली, संगठन क्षमता, निर्णय लेने के तरीके और संवेदनशील व्यक्तित्व पर विस्तार से बात की। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी का जीवन देश सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित है। उनके मुताबिक, 24 घंटे और 365 दिन काम करने वाला ऐसा नेतृत्व लंबे समय में कभी-कभार ही देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अलग-अलग जिम्मेदारियों में रहते हुए अपनी कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।
संगठनकर्ता से प्रधानमंत्री तक का सफर
डॉ. रमन सिंह ने बताया कि नरेंद्र मोदी से उनका परिचय काफी पुराना है। शुरुआती दौर में उन्होंने मोदी को संगठन के एक सक्रिय और मेहनती पदाधिकारी के रूप में देखा। उस समय मोदी छत्तीसगढ़ के संगठनात्मक दायित्व से भी जुड़े रहे और इसी दौरान दोनों के बीच संवाद बढ़ा। गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी के सामने बड़ी चुनौतियां थीं। डॉ. रमन सिंह के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने उस समय एक दृढ़ निश्चयी व्यक्ति को गुजरात की जिम्मेदारी दी और आगे चलकर उनके नेतृत्व में गुजरात में विकास की दिशा में कई काम हुए।
नक्सलवाद और छत्तीसगढ़ को लेकर मोदी की चिंता
इंटरव्यू में डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की चुनौती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए जब वे प्रधानमंत्री स्तर की बैठकों में नक्सलवाद का मुद्दा उठाते थे, तब नरेंद्र मोदी इस विषय को गंभीरता से लेते थे। डॉ. सिंह ने अपने कार्यकाल की गरीबों के लिए चावल योजना का उदाहरण देते हुए बताया कि जब उन्होंने इस योजना के बारे में नरेंद्र मोदी को जानकारी दी तो उन्होंने इसके क्रियान्वयन और व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, मोदी केवल योजना बनाने तक सीमित रहने के बजाय उसके जमीनी अमल पर भी ध्यान देने की बात करते थे।
पीएम मोदी के संवेदनशील व्यवहार के संस्मरण
डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े कुछ भावुक प्रसंग भी साझा किए। उन्होंने दंतेवाड़ा के आवासीय विद्यालय में बच्चों के साथ प्रधानमंत्री के ड्रम बजाने, बीजापुर में एक महिला को अपने हाथों से चरण पादुका पहनाने और 104 वर्षीय कुंवर बाई के पैर छूने की घटनाओं का उल्लेख किया। डॉ. सिंह ने इन घटनाओं को प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के मानवीय पक्ष से जोड़ते हुए कहा कि बड़े पद पर होने के बावजूद लोगों के साथ सहजता से संवाद करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
2014 के चुनाव से पहले नेतृत्व को लेकर बनी सहमति
नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर आगे लाने से जुड़े सवाल पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वे उस दौर की पार्टी की बैठकों के प्रत्यक्ष गवाह रहे हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव अभियान की कमान और प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर जब पार्टी में विचार-विमर्श चल रहा था, तब बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मोदी के नाम को लेकर सहमति दिखाई दे रही थी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उनसे भी इस विषय पर राय ली गई थी और उन्होंने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए उपयुक्त चेहरा बताया था।
2013 के छत्तीसगढ़ चुनाव में मोदी की भूमिका
डॉ. रमन सिंह ने 2013 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को भी अपने राजनीतिक जीवन की महत्वपूर्ण चुनौतियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को देखते हुए छत्तीसगढ़ में उनके कार्यक्रमों को लेकर कार्यकर्ताओं और आम लोगों में विशेष उत्साह रहता था। उनके अनुसार, नरेंद्र मोदी को चुनावी कार्यक्रमों के लिए छत्तीसगढ़ बुलाना बहुत मुश्किल नहीं था और पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जाता था।
प्रधानमंत्री बनने के बाद बढ़ी जिम्मेदारियां
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की भूमिकाओं में बड़ा अंतर है। मुख्यमंत्री रहते हुए उनसे बातचीत और मुलाकात के लिए अधिक समय मिल जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और व्यस्तता काफी बढ़ गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी के स्वभाव में मूलभूत बदलाव नहीं आया, लेकिन देश की जिम्मेदारी बढ़ने के कारण उनकी उपलब्धता पहले जैसी नहीं रही।
हर वर्ग से संवाद पर जोर
डॉ. रमन सिंह ने नरेंद्र मोदी की निर्णय प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अलग-अलग वर्गों से संवाद करने पर जोर देते हैं। उनके अनुसार, युवाओं, बुजुर्गों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों और समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत के माध्यम से विचार और सुझाव लेने की कोशिश की जाती है। डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर अपना भरोसा जताते हुए कहा कि देश की जनता के विश्वास के आधार पर वे चौथी बार प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद रखते हैं। यह बयान डॉ. सिंह का राजनीतिक आकलन और विश्वास है, जबकि किसी भविष्य के चुनावी परिणाम की पुष्टि चुनाव परिणाम आने के बाद ही हो सकती है।