शहडोल : मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए लोकायुक्त की टीम जहां दिन रात काम कर रही है। तो वही दूसरी तरफ घूसखोरी का ताजा मामला शहडोल से सामने आया है। जहां लोकायुक्त की टीम ने एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक बाबू को 15 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मामला शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील कार्यालय का है।
फैसले की कॉपी देने के लिए मांगी रिश्वत
दरअसल, फरयादी सुरेश कुमार जायसवाल (45) जो की ग्राम निपानिया का रहने वाला है। उसने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कार्रवाई थी कि SDM कार्यालय का बाबू वीर सिंह जाटव ने उनकी पत्नी अंकिता जायसवाल के नाम ग्राम पपौद में खरीदी गई भूमि (रकबा 1020/4/1/1) से जुड़े विवाद की अपील एसडीएम कार्यालय में लंबित थी, जब उन्होंने फैसले की कॉपी मांगी, तो वहां पदस्थ क्लर्क वीर सिंह जाटव ने इसके एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को पकड़ने का प्लान बनाया और 15 हजार की रिश्वत लेते एसडीएम कार्यालय से ट्रैप किया। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 (क) के तहत मामला दर्ज आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई को 12 लोगों की टीम ने अंजाम दिया।