सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रस्तावित नए पत्थर क्रेशर को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। बरमकेला ब्लॉक की ग्राम पंचायत बोंदा के आश्रित ग्राम जोधपुर में क्रेशर स्थापित करने की योजना पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने और क्रेशर की अनुमति व अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
पहले से तीन क्रेशर, अब नए प्लांट का विरोध
ग्रामीणों के अनुसार, जोधपुर क्षेत्र में पहले से ही तीन पत्थर क्रेशर संचालित हैं। इनसे निकलने वाली धूल, तेज शोर और प्रदूषण के कारण आसपास के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि एक और क्रेशर स्थापित होने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ सकता है। साथ ही, पेयजल की गुणवत्ता और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की चिंता है।
स्कूल और छात्रावासों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
प्रस्तावित क्रेशर स्थल के आसपास दो स्कूल, बालक-बालिका छात्रावास और घनी आबादी वाला सतनामी मोहल्ला होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर से निकलने वाली धूल और ध्वनि प्रदूषण का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और आसपास रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्रेशर की अनुमति देने से पहले बच्चों की सुरक्षा, आबादी की निकटता और पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन किया गया है या नहीं।
जनपद सदस्य पूजा संतोष चौहान के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन
इस मामले में जनपद पंचायत बरमकेला के क्षेत्र क्रमांक-03 की जनपद सदस्य पूजा संतोष चौहान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तावित पत्थर क्रेशर की अनुमति और NOC जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने तथा स्थानीय लोगों की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ जनस्वास्थ्य, विद्यार्थियों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
फिलहाल, ग्रामीणों की मुख्य मांग प्रस्तावित क्रेशर को अनुमति देने से पहले सभी संभावित प्रभावों की जांच कराने और स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान करने की है। अब इस मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।