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Rice Export Boost: छत्तीसगढ़ में गैर-बासमती चावल निर्यातकों को टैक्स से राहत, 1 साल तक रहेगी छूट...

Rice Export Boost: छत्तीसगढ़ में गैर-बासमती चावल निर्यातकों को टैक्स से राहत, 1 साल तक रहेगी छूट...

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के कृषि निर्यात को नई दिशा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गैर-बासमती चावल के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की है। यह निर्णय कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा लिया गया है, जो छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 के अंतर्गत लागू होगा। हालांकि यह छूट केवल एक वर्ष के लिए प्रभावी रहेगी।

निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इस फैसले से छत्तीसगढ़ के चावल को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी। इस योजना का लाभ उन राइस मिलर्स, लाइसेंसधारी निर्यातकों को मिलेगा, जो राज्य की मंडियों से खरीदे गए धान से तैयार गैर-बासमती चावल का निर्यात करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम राज्य के कृषि निर्यात सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

छूट पाने के लिए जरूरी शर्तें

हालांकि सरकार ने शुल्क में पूरी छूट दी है, लेकिन इसके लिए निर्यातकों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। निर्यातकों को राइस मिलर्स को एक घोषणा पत्र (Declaration) देना होगा, जिसमें एपीडा द्वारा जारी Registration-cum-Allocation Certificate,
शिपिंग बिल (जिसमें माल का मूल स्थान छत्तीसगढ़ हो),
राज्य का GST पंजीयन,
बिल ऑफ लेडिंग (निर्यात की पुष्टि हेतु),
मंडी अधिनियम के तहत जारी अनुज्ञा पत्र शामिल होंगे।

पारदर्शिता पर सरकार का फोकस

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घोषणा पत्र में केवल दस्तावेज ही नहीं, बल्कि निम्न जानकारी भी अनिवार्य होगी, निर्यात की जा रही उपज का नाम कुल मात्रा, कुल मूल्य, गंतव्य देश,निर्यातक का I EC नंबर सभी दस्तावेज संबंधित मंडी कार्यालय में जमा करने के बाद ही कर छूट का लाभ मिलेगा।

किसानों और व्यापारियों को होगा सीधा लाभ

इस फैसले से किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी, राइस मिलर्स को लागत में राहत मिलेगी, निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा का फायदा मिलेगा कुल मिलाकर, यह कदम छत्तीसगढ़ को भारत के प्रमुख चावल निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


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