Rewa Court Bomb Threat : मध्यप्रदेश के रीवा जिले से गुरुवार को एक दहशत फैलाने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट मोड पर ला दिया। जिला एवं सत्र न्यायालय को ई-मेल के जरिए RDX से उड़ाने की धमकी दी गई, जिसके बाद रीवा जिला कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराना पड़ा। इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया।
जज को आया मेल
जानकारी के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश मोहन प्रधान के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर सुबह एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। ई-मेल हिंदी भाषा में लिखा गया था, जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि दोपहर 2 बजे तक कोर्ट परिसर खाली नहीं कराया गया तो उसे RDX से उड़ा दिया जाएगा। ई-मेल में तमिलनाडु के वर्ष 1979 के एक पुराने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लेख भी किया गया, जिससे धमकी को गंभीर माना जा रहा है।
हरकत में आया प्रशासन
धमकी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में स्थित जिला न्यायालय परिसर में पुलिस अधीक्षक सहित जिले के सभी प्रमुख थानों का बल तैनात कर दिया गया। सुरक्षा कारणों से न्यायालय परिसर को तत्काल खाली कराया गया। न्यायाधीशों, वकीलों, कर्मचारियों और फरियादियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया, वहीं पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया।
मौके पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड मौके पर पहुंचा। कोर्ट के प्रत्येक कक्ष, गलियारे, पार्किंग एरिया और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। प्रारंभिक जांच में अब तक किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा जांच जारी है। साथ ही, धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को जांच में लगाया गया है। ई-मेल कहां से भेजा गया, किस आईपी एड्रेस का इस्तेमाल हुआ और इसके पीछे कौन है, इन सभी पहलुओं की तकनीकी जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में भी बम की धमकी
इसी बीच, छत्तीसगढ़ से भी ऐसी ही खबरें सामने आई हैं। दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव जिला न्यायालयों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल मिले हैं। वहां भी सभी न्यायालय परिसरों को खाली कराकर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सघन तलाशी ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन सभी धमकियों के पीछे एक ही नेटवर्क या साइबर साजिश हो सकती है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।