सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्था के केंद्रों पर होगा। इन किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग करेगा।
भोपाल : मध्यप्रदेश के किसानों को सरकार ने राहत देते हुए भावांतर योजना के तहत पंजीयन की तारीख आगे बढ़ा दी हैं। जिसके चलते अब किसान 24 अक्टूबर तक पंजीकरण करवा सकते है। पहले आवेदन की लास्ट डेट 17 अक्टूबर थी। इतना ही नहीं किसान सोयाबीन के पंजीयन के लिए ई-उपार्जन पोर्टल www. mpeuparjan.nic.i n पर पंजीयन करा सकेंगे।
सभी कलेक्टर्स को निर्देश जारी
इस संबंध में सभी कलेक्टर्स को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही उन्हें पंजीकृत किसानों का सत्यापन भी इस अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को पंजीयन से लेकर फसल बिक्री तक आधार नंबर का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। ऐसे में सोयाबीन किसानों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि योजना का लाभ लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
मुफ्त में होगा रजिस्ट्रेशन
किसानों को पंजीयन के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में बनाए गए सुविधा केंद्रों के साथ सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्रों पर मुफ्त पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
इन केंद्रों पर अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित
इसके अलावा किसान MP Online कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे से भी पंजीयन करा सकते हैं। इन केंद्रों पर अधिकतम 50 रुपये शुल्क निर्धारित है।
किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग करेगा