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राजीव गांधी शिक्षा मिशन के फर्नीचर घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार

राजीव गांधी शिक्षा मिशन के फर्नीचर घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई, तत्कालीन अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार

रायपुर: राजीव गांधी शिक्षा मिशन में वर्ष 2011-12 के दौरान सामने आए कथित करोड़ों रुपये के फर्नीचर घोटाले के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से चल रही जांच के बाद ACB ने उपलब्ध दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी एसपी पाण्डेय और दर्शन फेब्रिकेशन फर्म के प्रोपराइटर संजय पटेल सहित तीन लोग शामिल हैं।

फर्नीचर खरीदी में गड़बड़ी का आरोप

मामला वर्ष 2011-12 में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत हुई फर्नीचर खरीदी से जुड़ा है। आरोप है कि फर्नीचर खरीदने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और इसी के जरिए बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितता की गई। जांच आगे बढ़ने पर विभाग के करीब 6 से 7 अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई थी। इसके अलावा फर्नीचर सप्लाई से संबंधित करीब 12 फर्मों को भी जांच के दायरे में रखा गया था।

दो महीने पहले ACB ने जब्त किए थे रिकॉर्ड

मामले की जांच के दौरान करीब दो महीने पहले ACB की टीम ने राजीव गांधी शिक्षा मिशन के कार्यालय में पहुंचकर फर्नीचर खरीदी से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले थे। जांच एजेंसी ने इस दौरान जरूरी हार्ड कॉपी दस्तावेजों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिए थे। इसके बाद जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की गई। ACB के मुताबिक, जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

12 फर्मों की भूमिका भी जांच के घेरे में

फर्नीचर खरीदी से जुड़े इस मामले में केवल विभागीय अधिकारियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि सप्लाई करने वाली फर्मों की गतिविधियां भी जांच का हिस्सा रही हैं। जांच के दौरान करीब 12 फर्नीचर सप्लायर फर्मों से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की पड़ताल की गई। ACB अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए कथित आर्थिक अनियमितता में अन्य लोगों की भूमिका और लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है।

IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला

मामले में आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420 और 120(B) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 13(1) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। ACB की कार्रवाई के बाद करीब डेढ़ दशक पुराने इस कथित फर्नीचर घोटाले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।


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