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Rajasthan Municipal Election Results 2026: बीजेपी का दबदबा, 4,179 वार्डों में जीत; कांग्रेस 3,613 पर

Rajasthan Municipal Election Results 2026: बीजेपी का दबदबा, 4,179 वार्डों में जीत; कांग्रेस 3,613 पर

जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की शहरी राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। राज्य के 309 नगरीय निकायों के कुल 10,245 वार्डों के घोषित परिणामों में बीजेपी ने सबसे ज्यादा सीटें अपने नाम की हैं। पार्टी को 4,179 वार्डों में जीत मिली, जो कुल सीटों का करीब 41 प्रतिशत है। वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस 3,613 वार्डों में जीत दर्ज कर लगभग 35 प्रतिशत सीटों पर रही। इन दोनों प्रमुख दलों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन भी खासा प्रभावी रहा। करीब 22 प्रतिशत वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जिससे कई नगर निकायों में बोर्ड गठन के दौरान उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

10,245 वार्डों में किसका कितना दबदबा?

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में 10,245 वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं। पार्टीवार स्थिति इस प्रकार रही:

बीजेपी: 4,179 वार्ड, करीब 40.8 प्रतिशत
कांग्रेस: 3,613 वार्ड, करीब 35.3 प्रतिशत
निर्दलीय: 2,273 वार्ड, करीब 22.2 प्रतिशत
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी: 63 वार्ड, करीब 0.6 प्रतिशत
आम आदमी पार्टी: 42 वार्ड, करीब 0.4 प्रतिशत
अन्य दल: 75 वार्ड, करीब 0.7 प्रतिशत

आंकड़ों से साफ है कि बीजेपी सबसे अधिक वार्ड जीतने वाली पार्टी बनी है, जबकि कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही। हालांकि बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत ने कई निकायों में राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बना दिया है।

10 नगर निगमों में कैसी रही तस्वीर?

राजस्थान के 10 नगर निगमों में भी अलग-अलग तरह के चुनावी परिणाम सामने आए हैं। जयपुर नगर निगम में बीजेपी ने 150 में से 78 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया। इसके अलावा उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा में भी बीजेपी बहुमत के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंची है। बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। दूसरी ओर जोधपुर, अजमेर, अलवर और पाली नगर निगम में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से स्थिति त्रिशंकु बनी हुई है।

भरतपुर में निर्दलीयों का दबदबा

मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर नगर निगम के नतीजे खास तौर पर चर्चा में रहे। यहां कुल 65 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने 36 सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी को 20 और कांग्रेस को 7 वार्ड मिले। भरतपुर का यह परिणाम बताता है कि कई जगहों पर स्थानीय स्तर के उम्मीदवारों और निर्दलीय पार्षदों ने प्रमुख राजनीतिक दलों को कड़ी चुनौती दी है।

छोटे दलों ने भी छोड़ी छाप

राजस्थान निकाय चुनाव में छोटे और क्षेत्रीय दलों ने भी कुछ क्षेत्रों में प्रभाव दिखाया। आम आदमी पार्टी ने बारां नगर परिषद में बहुमत हासिल किया है। वहीं बीकानेर जिले की नोखा नगरपालिका में माकपा यानी CPI(M) ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया। इन नतीजों से संकेत मिलता है कि स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े दलों के साथ-साथ क्षेत्रीय और छोटे राजनीतिक दल भी कुछ इलाकों में अपनी पकड़ बनाने में सफल रहे हैं।

निर्दलीय पार्षद बन सकते हैं किंगमेकर

चुनाव परिणामों की सबसे अहम तस्वीर निर्दलीय प्रत्याशियों की बड़ी संख्या में जीत है। 2,273 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों के विजयी होने से कई निकायों में बोर्ड गठन के लिए उनका समर्थन निर्णायक हो सकता है। जहां बीजेपी या कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से ही बोर्ड बनाने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में महापौर, सभापति और अन्य स्थानीय निकाय पदों के चुनाव के दौरान राजनीतिक जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

 

 


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