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PSLV-C62 Mission: नए साल के पहले स्पेस मिशन में लॉन्चिंग के बाद आई तकनीकी चुनौती, ISRO कर रहा विश्लेषण...

PSLV-C62 Mission: नए साल के पहले स्पेस मिशन में लॉन्चिंग के बाद आई तकनीकी चुनौती, ISRO कर रहा विश्लेषण...

PSLV-C62 Mission: भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए 2026 की शुरुआत एक अहम लेकिन चुनौतीपूर्ण मिशन के साथ हुई है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने 12 जनवरी 2026 को PSLV-C62 मिशन लॉन्च किया, जिसमें कुल 16 सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा गया। हालांकि लॉन्च के दौरान PSLV-C62 रॉकेट के तय पथ से आंशिक रूप से भटकने की जानकारी सामने आई है। ISRO ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए स्पष्ट किया कि इस तकनीकी विचलन को लेकर डेटा का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

सुबह हुआ लॉन्च, श्रीहरिकोटा से भरी उड़ान:

यह मिशन आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 10:17 बजे लॉन्च किया गया। यह साल 2026 का भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन था और PSLV रॉकेट की 64वीं उड़ान मानी जा रही है। PSLV को दुनिया के सबसे भरोसेमंद लॉन्च व्हीकल्स में गिना जाता है, जिसने इससे पहले चंद्रयान-1, मंगलयान और आदित्य-L1 जैसे ऐतिहासिक मिशन पूरे किए हैं।

भारत का 9वां कॉमर्शियल मिशन, NSIL की अहम भूमिका:

PSLV-C62 मिशन भारत का 9वां कमर्शियल लॉन्च मिशन है, जिसे न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) ने ऑपरेट किया। NSIL, ISRO की कमर्शियल इकाई है और इस मिशन में भारतीय निजी कंपनियों की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी देखने को मिली। यह मिशन भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

अन्वेषा सैटेलाइट: निगरानी क्षमता में बड़ा कदम:

इस मिशन में शामिल अन्वेषा सैटेलाइट को DRDO द्वारा विकसित किया गया है। यह एक एडवांस्ड इमेजिंग और इंटेलिजेंस सैटेलाइट है, जो सटीक निगरानी, हाई-रेजोल्यूशन मैपिंग, जंगल, झाड़ियों और बंकरों के भीतर छिपे टारगेट्स की पहचान जैसी क्षमताओं से लैस है। रक्षा क्षेत्र में इसे एक रणनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।

MOI-1: भारत की पहली ऑर्बिटल AI इमेज लैब:

PSLV-C62 मिशन का सबसे खास पेलोड MOI-1 सैटेलाइट है, जिसे हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनियों Tech Me2 Space और Eon Space Labs ने मिलकर तैयार किया है। MOI-1 को भारत की पहली Orbital AI Imaging Lab कहा जा रहा है, जो सैटेलाइट पर ही डेटा प्रोसेसिंग, AI आधारित इमेज एनालिसिस, यूजर्स को स्पेस में रियल-टाइम एक्सपेरिमेंट की सुविधा देता है। इसे एक तरह का “स्पेस क्लाउड प्लेटफॉर्म” माना जा रहा है।

ISRO का बयान स्थिति नियंत्रण में:

ISRO अधिकारियों के अनुसार, रॉकेट के मार्ग में आए विचलन को लेकर सभी सिस्टम्स का तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक मिशन के अधिकांश उद्देश्य पूरे हुए हैं और विस्तृत रिपोर्ट जल्द साझा की जाएगी। 


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