होम
देश
दुनिया
राज्य
खेल
अध्यात्म
मनोरंजन
सेहत
जॉब अलर्ट
जरा हटके
फैशन/लाइफ स्टाइल

 

BETUL NEWS : अमित शाह के वनवासी शब्द पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, पुतला दहन की कोशिश

BETUL NEWS : अमित शाह के वनवासी शब्द पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, पुतला दहन की कोशिश

बैतूल : देश की सियासत में एक बार फिर शब्दों की जंग छिड़ गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहे जाने के बयान को लेकर आदिवसियों में जहां आक्रोश है। तो वही दूसरी तरफ बैतूल में आज आदिवासी कांग्रेस सड़कों पर उतरी और अमित शाह का पुतला दहन करने की कोशिश की। 

आदिवासियों को 'वनवासी' कहकर किया संबोधित 

दरअसल, दिल्ली स्थित लाल किला मैदान में 24 मई को आयोजित जनजाति सांस्कृतिक समागम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा आदिवासियों को 'वनवासी' कहकर संबोधित किया था। इतना ही नहीं अमित शाह ने अपने पूरे संबोधन में एक बार भी 'आदिवासी' शब्द का प्रयोग नहीं किया। जिसको लेकर आदिवासी वर्ग में आक्रोश है। 

अस्पताल चौराहे पर आदिवासी कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

इसी कड़ी में आज बैतूल जिले के अस्पताल चौराहे पर आदिवासी कांग्रेस ने बयान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही अमित शाह के पोस्टर को पहले आग के हवाले किया और इसके बाद उनका पुतला दहन करने की कोशिश की। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए पुतला छीन लिया और दहन होने से बचा लिया। वहीं नगर पालिका के दमकल कर्मियों ने पानी का छिड़काव कर प्रदर्शनकारियों की कोशिश को नाकाम कर दिया।

आदिवासी समुदाय की पहचान को नकारा जा रहा 

इधर, मामले को लेकर आदिवासी कांग्रेस प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मुन्नालाल आदिवासी ने कहा कि गृहमंत्री के संबोधन से ऐसा प्रतीत हुआ कि देश में 'आदिवासी' समुदाय का अस्तित्व ही नहीं है, बल्कि सभी 'वनवासी' हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह आदिवासियों की विशिष्ट संस्कृति और सभ्यता को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। आदिवासी समाज की अपनी अलग सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान है, जिसे किसी अन्य शब्द से परिभाषित नहीं किया जा सकता। 'वनवासी' शब्द का प्रयोग आदिवासी अस्मिता और सम्मान को कमजोर करने का प्रयास है। उनके इस संबोधन से यह स्पष्ट होता है कि देश में आदिवासी समुदाय की पहचान को नकारा जा रहा है।
 


संबंधित समाचार