रायपुर। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का असर अब छत्तीसगढ़ में भी साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी रायपुर में पेट्रोल की कीमत 100.45 रुपये से बढ़कर 103 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है, जबकि डीजल का दाम 93.39 रुपये से बढ़कर 96.55 रुपये प्रति लीटर हो गया है। ईंधन की कीमतों में अचानक हुई वृद्धि के बाद रायपुर समेत कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर वाहन चालकों की लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति भी बन गई।
रायपुर के 35 पेट्रोल पंपों में खत्म हुआ ईंधन
छत्तीसगढ़ में पेट्रोलियम संकट लगातार गहराता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, रायपुर शहर के करीब 35 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित हुई है। वहीं बिलासपुर के 13 पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध होने के बावजूद भारी भीड़ उमड़ रही है। ईंधन संकट की खबर फैलते ही लोग सुबह से ही अपने वाहनों में पेट्रोल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे। इससे कई इलाकों में ट्रैफिक और अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली।
आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों, रोजमर्रा की वस्तुओं और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ेगा। एक शहर से दूसरे शहर तक माल ढुलाई महंगी होने से बाजार में महंगाई बढ़ने की संभावना है। इससे आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
वैश्विक संकट का भारत पर असर
जानकारों के मुताबिक खाड़ी देशों में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल का कम इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ई-व्हीकल अपनाने का आग्रह किया है ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
छत्तीसगढ़ में दिखने लगा असर
प्रधानमंत्री की अपील का असर छत्तीसगढ़ सरकार और जनप्रतिनिधियों पर भी देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। कुछ मंत्री और विधायक अब ई-व्हीकल का उपयोग करते नजर आ रहे हैं। सरकार का मानना है कि ईंधन बचत के जरिए इस वैश्विक संकट के दौरान देश पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम किया जा सकता है।
ईंधन संकट ने आम जनता की बढ़ाई चिंता
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और ईंधन संकट ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और वृद्धि होती है, तो महंगाई का असर और अधिक देखने को मिल सकता है। फिलहाल लोग राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि सरकार वैकल्पिक ऊर्जा और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।