अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला खनिज न्यास (DMF) मद से जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों और चिकित्सकों के लिए आवासीय सुविधाओं के विस्तार को मंजूरी दी गई है। इसके तहत मेडिकल स्टाफ क्वार्टर और शिक्षक आवासों के निर्माण के लिए कुल 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।
25 मेडिकल स्टाफ क्वार्टरों का होगा निर्माण
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा (अंबिकापुर), कमलेश्वरपुर (मैनपाट), गुतुरमा (सीतापुर), केदमा (उदयपुर) और कुदरी (लखनपुर) में कुल 25 मेडिकल स्टाफ क्वार्टरों का निर्माण किया जाएगा। इन निर्माण कार्यों के लिए 2 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। परियोजना का क्रियान्वयन ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल के पास आवास उपलब्ध होने से मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
शिक्षकों के लिए बनेंगे 30 नए आवास
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से विकासखंड मैनपाट के नर्मदापुर और उदयपुर विकासखंड में ट्रांजिट हॉस्टल (शिक्षक आवास) के रूप में कुल 30 क्वार्टरों का निर्माण कराया जाएगा।इस कार्य के लिए 2 करोड़ 55 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपी गई है। इन आवासों के बनने से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की व्यवस्था मिल सकेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा सुधार
प्रशासन का मानना है कि इन आवासीय परियोजनाओं के पूरा होने से जिले के दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं मिलने से आम नागरिकों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच और अधिक प्रभावी एवं सुगम हो सकेगी।