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नेपाल में कुदरत का महाकहर: 1 लाख से ज्यादा बेघर, हजारों लापता, मलबे और पानी के बीच जिंदगी बचाने की जंग

नेपाल में कुदरत का महाकहर: 1 लाख से ज्यादा बेघर, हजारों लापता, मलबे और पानी के बीच जिंदगी बचाने की जंग

Nepal Disaster: नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाने का दावा किया गया है। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में कई परिवारों के घर उजड़ गए हैं, सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं तथा बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं। तबाही के बाद कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आपदा का असर नेपाल के कई जिलों तक पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्रों में पानी और मलबे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हजारों परिवारों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित ठिकाना, भोजन और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था है।

13 मिनट में तेजी से बढ़ा जलस्तर, कई इलाके प्रभावित

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेपाल और तिब्बत सीमा के आसपास ग्लेशियर क्षेत्र तथा अस्थायी रूप से बने जल अवरोध से जुड़ी घटना के बाद हालात अचानक बिगड़ गए। बताया गया कि बेहद कम समय में जलस्तर तेजी से बढ़ा और पानी के तेज बहाव ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग सहित कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला। तेज पानी के साथ आए पत्थर और मलबे ने घरों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं।

सैकड़ों शव मिलने और हजारों लोगों के लापता होने का दावा

नेपाल में आई इस आपदा के बाद मृतकों और लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सैकड़ों शव बरामद किए गए हैं, जबकि हजारों लोगों की तलाश जारी है। बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में राहतकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचना है। कई जगहों पर सड़कें टूटने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने से बचाव अभियान की रफ्तार पर भी असर पड़ा है।

विदेशी नागरिकों की तलाश भी बनी चुनौती

आपदा प्रभावित सीमावर्ती और पर्यटन क्षेत्रों में मौजूद विदेशी नागरिकों के संपर्क से बाहर होने की भी जानकारी सामने आई है। इनमें भारतीय नागरिकों के शामिल होने का दावा किया गया है। भारत और नेपाल के संबंधित अधिकारी प्रभावित नागरिकों की जानकारी जुटाने तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए संपर्क और समन्वय कर रहे हैं। हालांकि लापता लोगों और विदेशी नागरिकों से जुड़े अंतिम आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

हाइड्रो पावर टनल में फंसे मजदूरों को बचाने की कोशिश

आपदा की गंभीर तस्वीर जलविद्युत परियोजनाओं के आसपास से भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। बचाव दल भारी मशीनों की सहायता से प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। सुरंगों और मलबे से घिरे स्थानों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना राहतकर्मियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण काम बना हुआ है। जरूरत पड़ने पर सुरंग के भीतर हवा पहुंचाने और जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। नेपाली सेना और अन्य राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रही हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया तबाही का भयावह मंजर

बाढ़ की चपेट में आए लोगों के अनुसार पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि कई लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का मौका तक नहीं मिला। कुछ लोगों ने पेड़ों और ऊंचे स्थानों का सहारा लेकर अपनी जान बचाई। कई गांवों में लोगों को आपदा की गंभीरता का अंदाजा होने से पहले ही पानी तेजी से आबादी वाले इलाकों तक पहुंच गया। यही वजह है कि राहत और बचाव कार्य में हर मिनट महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

नेपाल के सामने पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती

इस आपदा के बाद नेपाल के सामने केवल राहत और बचाव ही नहीं, बल्कि प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण की भी बड़ी चुनौती है। घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट में नेपाल को पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की जरूरत होने की बात कही गई है। राहत शिविरों में लोगों को भोजन, पानी, दवाइयां और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

भारत समेत कई देशों से मदद की उम्मीद

नेपाल में मानवीय संकट को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत बढ़ गई है। राहत सामग्री, तकनीकी सहायता और विशेषज्ञ बचाव टीमों की मदद से प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। भारत की ओर से भी मानवीय सहायता और राहत अभियान में सहयोग की संभावना जताई गई है। हालांकि सहायता की मात्रा और तैनात टीमों से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट का इंतजार किया जाना चाहिए।

खुले आसमान के नीचे जिंदगी, अपनों की तलाश में भटकते परिवार

आपदा प्रभावित लोगों के लिए सबसे दर्दनाक स्थिति यह है कि कई परिवारों ने अपने घर और अपनों को एक साथ खो दिया। राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोग अब भी अपने परिजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। कहीं मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश जारी है तो कहीं लोग भोजन और आश्रय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नेपाल में आई इस आपदा ने एक बार फिर दिखा दिया है कि प्रकृति के रौद्र रूप के सामने इंसानी जिंदगी कितनी असहाय हो सकती है।


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