MP Weather Update: मध्य प्रदेश में जुलाई के तीसरे सप्ताह के दौरान हुई तेज बारिश ने मानसून को नई रफ्तार दे दी है। जून में कमजोर रहे मानसून की भरपाई अब लगातार हो रही बारिश से होती नजर आ रही है। प्रदेश में इस सप्ताह लगभग 3.3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कई जिलों में वर्षा का स्तर सामान्य के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अब तक करीब 13 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह अभी भी सामान्य औसत 14.6 इंच से लगभग 11 प्रतिशत कम है, लेकिन हालिया बारिश ने स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है।
देर से आया मानसून, अब पकड़ रहा रफ्तार
इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी, जो सामान्य समय से करीब 9 दिन देर से पहुंचा। इसके कारण जून महीने में बारिश का आंकड़ा काफी कमजोर रहा। जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश हुई, जिससे राहत मिली। दूसरे सप्ताह में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गईं, लेकिन तीसरे सप्ताह में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू होने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अनुकूल हो गया।
मालवा-निमाड़ में सबसे बेहतर बारिश
इस बार पश्चिमी मध्य प्रदेश, विशेष रूप से मालवा-निमाड़ क्षेत्र, मानसून की सबसे मजबूत गतिविधियों का केंद्र बना रहा। इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में लगातार अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे जलस्तर और कृषि दोनों को फायदा मिला।
देवास बना सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला
प्रदेश में अब तक सबसे अधिक वर्षा देवास जिले में दर्ज की गई है। यहां लगभग 19.3 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से काफी अधिक है। वहीं आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाला जिला रहा, जहां अब तक केवल 3.9 इंच वर्षा दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार यहां अभी भी सामान्य बारिश की तुलना में काफी कमी बनी हुई है।
इन 14 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
अब तक जिन जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, उनमें प्रमुख रूप से भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, दमोह, सिवनी, निवाड़ी, भिंड शामिल हैं।
41 जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे
प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इनमें प्रमुख रूप से जबलपुर,रीवा, सतना, सागर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, कटनी, पन्ना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, धार, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, ग्वालियर,रायसेन,विदिशा, नर्मदापुरम, मुरैना सहित कई अन्य जिले शामिल हैं।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यदि मानसून की सक्रियता इसी तरह बनी रहती है, तो जिन जिलों में अभी बारिश की कमी है वहां भी अच्छी वर्षा होने की संभावना है। इससे खेती, जलाशयों और भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।