MP Budget 2026: मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश बजट 2026-27 में आवास, उद्योग, परिवहन और रोजगार पर फोकस दिखाई दिया। सरकार ने विकास को गति देने के साथ शहरी सुविधाओं के विस्तार और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई अहम प्रावधान किए हैं।
हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार
प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। रीवा से खजुराहो, इंदौर, चित्रकूट, भोपाल और नई दिल्ली के लिए उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। वहीं दतिया से भोपाल के बीच भी हवाई सेवा संचालित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क को और विस्तार देना है।
ई-बस, मेट्रो और परिवहन
भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो चुका है। प्रदूषण मुक्त यातायात को बढ़ावा देने के लिए पीएम ई-बस सेवा के तहत 972 इलेक्ट्रिक बसों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 472 बसें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में पहले से संचालित हैं। इसके साथ ही ‘मध्यप्रदेश ई-वाहन नीति 2025’ लागू कर दी गई है।
सड़क और फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स
लोक निर्माण के तहत बड़े पैमाने पर सड़क और पुल निर्माण कार्य हुए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 2,190 किलोमीटर सड़कों का निर्माण/उन्नयन, 992 किलोमीटर सड़क नवीनीकरण और 30 पुल व रेलवे ओवरब्रिज पूरे किए गए। करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से सिक्स लेन कोलार रोड (भोपाल), गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक फ्लाईओवर और दमोह नाका एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट पूर्ण हुए हैं। इसके अलावा संत हिरदाराम नगर (भोपाल), स्वर्णरेखा नदी (ग्वालियर), इंदौर और उज्जैन में एलिवेटेड कॉरिडोर तथा महाकाल रोप-वे जैसे कार्य प्रगति पर हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन
इंदौर, रीवा और सतना के मेडिकल कॉलेजों का अपग्रेडेशन किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर और ग्वालियर के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
10 लाख नए मकानों का लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब तक 8.77 लाख आवास बनाए जा चुके हैं। आगामी पांच वर्षों में 10 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत 1.79 लाख शहरी स्ट्रीट वेंडर्स को 408 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया गया है।
उद्योग और निवेश को प्रोत्साहन
प्रदेश में 19,300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इनमें 5 आईटी पार्क, मंडीदीप में फ्लैटेड इंडस्ट्रीज, इंदौर में प्लग-एंड-प्ले पार्क और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। इंदौर–पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर पर 2,360 करोड़ रुपये की परियोजना जारी है। बुंदेलखंड क्षेत्र में सागर के मसवासी ग्रंट औद्योगिक क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिया गया है। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन की स्थापना की दिशा में भी कार्य चल रहा है।
MSME, स्टार्टअप और महिला उद्यमिता
प्रदेश में 23 लाख से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्योग पंजीकृत हैं। 4.5 लाख विनिर्माण इकाइयों से करीब 36 लाख लोगों को रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत दो वर्षों में 16,491 युवाओं को 1,134 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। राज्य में 6,670 स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें से 3,000 से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित हैं। एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत ग्वालियर के मिंट स्टोन और छतरपुर के लकड़ी के फर्नीचर को जीआई टैग मिला है।
औद्योगीकरण बजट
बजट 2026-27 में निवेश और औद्योगीकरण के लिए 5,957 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक अधोसंरचना, भू-अर्जन, एमएसएमई प्रोत्साहन, स्टार्टअप नीति और महिला कार्यशील छात्रावास जैसी योजनाएं शामिल हैं।
रोजगार पर जोर
सरकार का लक्ष्य औद्योगिक पार्क, कॉरिडोर प्रोजेक्ट और स्टार्टअप इकोसिस्टम के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है। युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करने पर विशेष फोकस किया गया है।
बजट एक नजर में...
सीएम मछुआ संवर्धन योजना के लिए 150 करोड़ का प्रावधान
पशुपालन के लिए 2 हजार 600 करोड़ का प्रावधान
मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 412 करोड़ का प्रावधान
सहकारिता के लिए किसानों के ऋण हेतु 25 हजार करोड़ का आवंटन
कुटीर एवं ग्रामोद्योग के लिए 145 करोड़ का प्रावधान
गरीब कल्याण के लिए 793 करोड़ का प्रावधान
सीएम कृषि उन्नति योजना के लिए 5500 करोड़ का प्रावधान
पीएम फसल योजना के लिए 1299 करोड़ का प्रावधान
25 हजार करोड़ कृषि लोन देने का लक्ष्य
प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने का लक्ष्य
हर युवा को रोजगार देने का लक्ष्य
किसानों के लिए 1 लाख सोलर सिंचाई पंप दिए जाएंगे
किसानों को 337 करोड़ की प्रोत्साहन राशि
मछली पालन और प्राकृतिक खेती को मिलेगा प्रोत्साहन
गौशालाओं की राशि बढ़ाई गई
महिला सशक्तिकरण, लाडली लक्ष्मी योजना के लिए 1852 करोड़ का प्रावधान
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1 हजार 852 करोड़
कुटीर एवं ग्रामोद्योग के लिए 145 करोड़ का प्रावधान
गरीब कल्याण के लिए 793 करोड़ का प्रावधान
श्रम विभाग के लिए 1 हजार 135 करोड़ का प्रावधान
छात्रवृत्ति के किया 986 करोड़ का प्रावधान
खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रूपये का प्रावधान
लाडली बहना योजना में 23882 करोड़ का प्रावधान
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 14743 करोड़ का प्रावधान
सड़क ओर ब्रिज निर्माण के लिए 12690 करोड़ का प्रावधान