रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोगों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 जून के आसपास प्रदेश के कई हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही राज्य में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।दरअसल, मानसून के 12 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंचने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन तेलंगाना क्षेत्र में इसकी गति धीमी पड़ने के कारण आगमन में देरी हुई। अब मौसम वैज्ञानिकों ने 23 जून के आसपास इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की बात कही है।
अगले 5 दिनों तक बारिश और बिजली गिरने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई क्षेत्रों में वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
क्यों बदलेगा मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पंजाब से बिहार तक फैली मौसमी द्रोणिका और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण का असर मध्य भारत के मौसम पर पड़ रहा है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश तक बनी द्रोणिका भी बारिश की गतिविधियों को बढ़ाने में मदद कर रही है।
मध्य छत्तीसगढ़ में अभी भी गर्मी का असर
हालांकि मानसून के आगमन से पहले मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। बीते 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हुई, लेकिन गर्मी का प्रभाव बना रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) |
|---|---|
| राजनांदगांव | 42.5 |
| लालपुर (रायपुर) | 40.8 |
| माना एयरपोर्ट | 40.5 |
| दुर्ग | 39.6 |
| बिलासपुर | 39.0 |
| पेण्ड्रारोड | 36.8 |
| जगदलपुर | 35.7 |
| अंबिकापुर | 33.5 |
किसानों और आम लोगों को मिलेगी राहत
मानसून के आगमन के साथ ही किसानों की खरीफ सीजन की तैयारियों को गति मिलेगी। वहीं लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय होते ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।