नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ शुरू हो रहा है। पहले दिन विपक्ष के तीखे विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित रही थी। ऐसे में दूसरे दिन भी दोनों सदनों में जोरदार बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश करने की अनुमति मांगेंगे। यदि सदन की कार्यवाही सुचारु रही तो इस विधेयक को पारित कराने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है।
NDA संसदीय दल की रणनीति बैठक
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद भवन में NDA संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक आयोजित होगी। बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, हाल ही में अन्य दलों से NDA में शामिल हुए सांसदों का स्वागत भी किया जा सकता है।
पहले दिन विपक्ष के विरोध से ठप रही कार्यवाही
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही 6 बार स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा की कार्यवाही 5 बार बाधित हुई। कई सांसद पोस्टर और बैनर लेकर सदन के भीतर पहुंचे। विपक्ष ने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग की।
आज संसद की प्रमुख कार्यसूची
प्रश्नकाल सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होगी, जिसमें विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
सदन पटल पर दस्तावेज
वाणिज्य एवं उद्योग, कृषि, गृह, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज सदन में रखे जाएंगे।
राष्ट्रपति की मंजूरी की सूचना
हाल ही में संसद से पारित कई विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। इसकी औपचारिक सूचना दोनों सदनों के पटल पर रखी जाएगी।
महत्वपूर्ण विधेयक
सरकार आज कई अहम विधेयकों को सदन में पेश करने की तैयारी में है, जिनमें राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा संशोधन विधेयक सबसे प्रमुख माना जा रहा है।
पहले दिन क्या हुआ?
पहले दिन कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक अध्यादेश के स्थान पर विधेयक पेश किया, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान किया गया। उधर, राज्यसभा में लगातार विरोध के कारण राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रस्तावित विधेयक को पेश नहीं किया जा सका।
विपक्ष का सरकार पर हमला
विपक्षी नेताओं ने संसद और संसद के बाहर सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। विभिन्न राजनीतिक दलों ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की मांग दोहराई। सरकार ने भी सभी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि मानसून और मानसून सत्र दोनों सकारात्मक रहें, तो संसद में सार्थक और रचनात्मक चर्चा संभव है। उन्होंने सभी दलों से तर्कपूर्ण बहस और जनहित के मुद्दों पर सहयोग की अपील की। संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एक ओर सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ मैदान में है। ऐसे में आज की कार्यवाही पर पूरे देश की नजर रहेगी।