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UJJAIN NEWS : महाकाल मंदिर में 100 से अधिक NSG कमांडो की मॉक ड्रिल, देर रात चला अभ्यास, सुरक्षा परखने किया ऑपरेशन

UJJAIN NEWS : महाकाल मंदिर में 100 से अधिक NSG कमांडो की मॉक ड्रिल, देर रात चला अभ्यास, सुरक्षा परखने किया ऑपरेशन

उज्जैन : मध्य प्रदेश के उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए NSG यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के ब्लैक कैट कमांडो ने मॉक ड्रिल की। गुरुवार देर रात आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो मंदिर परिसर में पहुंचे और आतंकी हमले जैसी काल्पनिक आपात स्थिति से निपटने के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया। इस दौरान महाकाल लोक, मानसरोवर भवन और त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के आसपास सुरक्षा इंतजामों को परखा गया।

सिंहस्थ-2028 को देखते हुए किया गया मॉक ड्रिल

दरअसल, उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ होना है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचेंगे। जिसको देखते हुए सुरक्षा एजेंसी जहां अलर्ट मोड पर है। तो वही इसी कड़ी में गुरुवार देर रात NSG के ब्लैक कैट कमांडो ने मंदिर परिसर और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर मॉक ड्रिल की और सुरक्षा का जायजा लिया। 

रात 11 से 02 बजे तक हुआ मॉक ड्रिल

तय कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार रात 11 बजे से शुक्रवार तड़के 2 बजे तक चले इस अभ्यास में कमांडो ने आतंकी हमले जैसी काल्पनिक स्थिति से निपटने, संदिग्धों को तलाशने और उन्हें निष्क्रिय करने की रणनीति का अभ्यास किया। साथ ही आपात स्थिति में मंदिर परिसर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने यानी रेस्क्यू ऑपरेशन का भी पूर्वाभ्यास किया गया।

सुरक्षा परखने के लिए चला ऑपरेशन

मॉक ड्रिल के दौरान महाकाल लोक, मानसरोवर भवन और त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। कमांडो ने मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों, आपातकालीन रास्तों और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कम से कम समय में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

2023 को भी किया जा चुका है अभ्यास 

गौरतलब है कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पर्व और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों को परखने के लिए इस तरह के अभ्यास महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
महाकाल मंदिर में NSG पहले भी सुरक्षा अभ्यास कर चुकी है। 26 सितंबर 2023 को भी मंदिर परिसर में आतंकी घटनाओं से निपटने और रेस्क्यू ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास किया गया था।  तो वही इस बार सिंहस्थ-2028 को देखते हुए यह मॉक ड्रिल किया गया। 


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