लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक भीषण अग्निकांड ने हजारों लोगों की जिंदगी तबाह कर दी। विनायकपुरम झुग्गी बस्ती में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और 1000 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं।
कैसे लगी आग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4 बजे एक देशी शराब ठेके के पास स्थित कैंटीन से आग की शुरुआत हुई। तेज हवा और घनी बस्ती के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
सिलेंडर धमाकों से मचा हड़कंप
आग की चपेट में आते ही झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर और बाइकों के फ्यूल टैंक एक के बाद एक फटने लगे। लगातार हो रहे विस्फोटों से पूरा इलाका दहल उठा और लोगों में भगदड़ मच गई।
राहत-बचाव कार्य में देरी, हालात बिगड़े
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल और पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक आग पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले चुकी थी। दमकल विभाग और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने देर रात तक आग बुझाने का प्रयास जारी रखा।
भीड़ उग्र, पथराव में कई घायल
बस्ती में फंसे बच्चों को निकालने की कोशिश में जब पुलिस ने लोगों को रोका, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गुस्साए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें सिविल डिफेंस के पोस्ट वार्डन ऋषि श्रीवास्तव सहित 8-10 लोग घायल हो गए।
सब कुछ हुआ तबाह
इस अग्निकांड में लोगों की पूरी गृहस्थी जलकर खाक हो गई। नकदी और जरूरी दस्तावेज नष्ट, शादी के लिए रखा सामान राख और लगभग 50 मवेशियों की मौत हो गई है, इसके साथ ही कई लोग झुलसे हैं।
प्रशासन मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी सीएम, डीएम और पुलिस कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। प्रभावित लोगों को पास के मिनी स्टेडियम में शिफ्ट किया गया।
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया।
बड़ी मानवीय त्रासदी
लखनऊ का यह अग्निकांड न केवल एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, बल्कि शहरी झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा इंतजामों की गंभीर कमी को भी उजागर करता है। प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।