मोहला/गढ़चिरौली। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के कंपनी नंबर-10 को खत्म कर दिया है। करीब 72 घंटे तक चले लगातार ऑपरेशन में C-60 कमांडो और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें चार पुरुष और तीन महिला समेत कुल सात नक्सली मारे गए। सभी पर मिलाकर 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
गढ़चिरौली नक्सल सेल का दावा-अंतिम चरण में नक्सल सफाया:
गढ़चिरौली पुलिस के नक्सल सेल के मुताबिक जिले में नक्सली गतिविधियां अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। मारे गए नक्सली बस्तर और तेलंगाना क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों का कहना है कि कंपनी नंबर-10 के खत्म होने से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
ऑपरेशन में ढेर हुए प्रमुख नक्सली:
भामरागढ़ क्षेत्र के जंगलों में चलाए गए अभियान में जिन नक्सलियों की पहचान हुई, उनमें प्रभाकर उर्फ चंद्रराव (कमांडर, तेलंगाना), पागु मोड अप्पडैम (CYPc कमांडर, बीजापुर), अनिला उर्फ बुदरी कोवाची (सुकमा), कामेश पाड़ा (सुकमा), भजनाथ उर्फ भीमा होली (कोंटा), मंगली कुर्सम (पश्चिम बस्तर) समेत अन्य शामिल हैं। सभी पर राज्य सरकार ने इनाम घोषित किया था।
गढ़चिरौली-मोहला क्षेत्र नक्सलमुक्ति की ओर:
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार गढ़चिरौली और मोहला-मानपुर के जंगलों में बचे हुए नक्सलियों की तलाश तेज कर दी गई है। पहले दोनों जिलों में कुल 17 सक्रिय नक्सली चिन्हित थे, जिनमें से गढ़चिरौली में सात मारे जा चुके हैं। पुलिस ने शेष उग्रवादियों को आत्मसमर्पण करने की अंतिम चेतावनी भी दी है।
मोहला-मानपुर में बचे केवल सात कैडर:
राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिविजन में शीर्ष माओवादी नेताओं के मारे जाने के बाद अब मोहला-मानपुर क्षेत्र में सिर्फ सात सक्रिय कैडर बचे बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों का मानना है कि इनके निष्प्रभावी होने के बाद पूरा इलाका माओवादी हिंसा से मुक्त हो सकता है।