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वामपंथी उग्रवाद पर हाई लेवल बैठक खत्म: अमित शाह ने नक्सल नेटवर्क तोड़ने और सरेंडर बढ़ाने पर दिया जोर...

वामपंथी उग्रवाद पर हाई लेवल बैठक खत्म: अमित शाह ने नक्सल नेटवर्क तोड़ने और सरेंडर बढ़ाने पर दिया जोर...

रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में वामपंथी उग्रवाद (LWE) को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक समाप्त हो गई। बैठक में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की वर्तमान स्थिति, बस्तर क्षेत्र के विकास और सुरक्षा रणनीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। गृह मंत्री शाह ने विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए नक्सल नेटवर्क को तोड़ने, नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संख्या बढ़ाने और प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को तेज करने पर विशेष जोर दिया। 

विकसित से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा:

इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और प्रशासनिक पहुंच मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ। बैठक में बस्तर को आदिवासी संभाग के रूप में विकसित करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई, जिससे क्षेत्रीय विकास और जनजातीय समुदायों को लाभ पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

कई राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद:

इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (IB) के निदेशक, गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) सहित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), ITBP और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशक और अन्य उच्च अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास पर फोकस:

बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ सड़क, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे बुनियादी ढांचे के विकास को तेज करना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास और सुरक्षा के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभाव को स्थायी रूप से समाप्त किया जा सके।


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