नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की मुंबई जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन के तहत नागपुर से 210 किलो गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी के मुताबिक यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों में सप्लाई करता था।
खुफिया सूचना पर की गई कार्रवाई
NCB को 11 अप्रैल 2026 को एक विशेष इनपुट मिला था, जिसमें ट्रक के जरिए भारी मात्रा में गांजा ले जाने की जानकारी दी गई थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने नागपुर में एक संदिग्ध ट्रक को रोका। ट्रक का रजिस्ट्रेशन पश्चिम बंगाल का था, जिससे शक और बढ़ गया।
मेटल शीट्स के बीच छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने ट्रक में रखी मेटल शीट्स के बीच छिपाकर रखा गया गांजा बरामद किया। तस्करों ने बड़ी चतुराई से इसे वैध सामान के बीच छिपाया था, ताकि जांच के दौरान बच सकें, लेकिन NCB की सतर्कता से उनका प्लान फेल हो गया।
दो आरोपी मौके से गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान मौके से पी. कुमार और आर. कुमार नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद उनसे गहन पूछताछ की गई।
ओडिशा से जुड़ा नेटवर्क, कई शहरों में सप्लाई
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गांजा संबलपुर से लाया गया था, जो अवैध गांजा सप्लाई का बड़ा केंद्र माना जाता है। आरोपी लंबे समय से इस नेटवर्क का हिस्सा थे और विभिन्न राज्यों में इसकी सप्लाई करते थे।
दो और तस्कर गिरफ्तार
आगे की जांच में NCB ने नागपुर के दो स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटरों को भी गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान पाटिल और वर्मा के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में गांजे की सप्लाई करने वाले थे।
कई बड़े शहरों में पहुंचने वाला था माल
जांच में सामने आया है कि यह गांजा नागपुर के अलावा अमरावती, अकोला, नासिक, पुणे और मुंबई जैसे बड़े शहरों में सप्लाई किया जाना था। वहां से इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर स्थानीय स्तर पर बेचा जाता।
संगठित ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा
पूरी जांच में यह साफ हुआ है कि यह एक संगठित ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा था, जो बड़े स्तर पर काम कर रहा था। NCB अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। NCB ने कहा है कि यह कार्रवाई ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। एजेंसी का लक्ष्य संगठित ड्रग नेटवर्क को खत्म करना और नशा मुक्त भारत की दिशा में काम करना है।