रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसी CBI ने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर पहुंचा दिया है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए सौरभ को मंगलवार शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रायपुर लाया गया।
यहां एयरपोर्ट पर मीडिया की मौजूदगी को देखते हुए CBI अधिकारियों ने उसकी निकासी का रास्ता बदल दिया और उसे दूसरे गेट से बाहर निकालकर सीधे माना स्थित CBI कार्यालय पहुंचाया। सौरभ चंद्राकर को फिलहाल CBI की कड़ी निगरानी में रखा गया है।
बुधवार, 4 नवंबर को उसे रायपुर स्थित CBI की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस पेशी के दौरान जांच एजेंसी उससे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है। करीब 6,000 करोड़ रुपये के कथित महादेव सट्टेबाजी घोटाले में उसकी गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मीडिया से बचाने के लिए बदला रास्ता
सौरभ चंद्राकर को लेकर CBI की टीम मंगलवार शाम फ्लाइट E6 2307 से रायपुर पहुंची। विमान ने शाम करीब 4:36 बजे एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। इस दौरान एयरपोर्ट के मुख्य निकास द्वार पर मीडिया कर्मियों की मौजूदगी थी।
मीडिया की नजरों से बचाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए CBI की टीम ने उसे मुख्य गेट के बजाय दूसरे रास्ते से बाहर निकाला। जानकारी के मुताबिक, जिस निकास द्वार का इस्तेमाल किया गया, वहां की लाइट भी बंद कर दी गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने सुरक्षा घेरे में सौरभ को वाहन तक पहुंचाया और बिना देरी किए माना स्थित CBI कार्यालय रवाना हो गए।
रायपुर की विशेष अदालत में आज होगी पेशी, CBI मांगेगी रिमांड
ओमान से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद सौरभ चंद्राकर को पहले दिल्ली की अदालत में पेश किया गया था। वहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उसे दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर ले जाने की अनुमति दी। अब बुधवार, 4 नवंबर को सौरभ की रायपुर स्थित CBI विशेष अदालत में पेशी होगी। माना जा रहा है कि इस दौरान CBI अधिकारी मामले से जुड़े अहम तथ्यों का पता लगाने के लिए उसकी पुलिस रिमांड मांग सकते हैं। जांच एजेंसी उससे महादेव ऐप के संचालन, सट्टेबाजी नेटवर्क, कथित आर्थिक लेन-देन और इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर सकती है।
6,000 करोड़ रुपये के कथित महादेव सट्टा घोटाले की जांच
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का नाम देश के बड़े ऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में सामने आया है। इस मामले में करीब 6,000 करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही हैं। सौरभ चंद्राकर को इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख आरोपी बताया जाता है।
जांच एजेंसियां कथित तौर पर ऐप के जरिए संचालित सट्टेबाजी, वित्तीय लेन-देन और अवैध कमाई से जुड़ी गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। इससे पहले मार्च 2026 में ED ने सौरभ चंद्राकर से संबंधित करीब 1,700 करोड़ रुपये मूल्य की 20 अचल संपत्तियां अटैच की थीं। अब उसके भारत लौटने के बाद जांच एजेंसियों को मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
सौरभ चंद्राकर से पूछताछ पर टिकी निगाहें
सौरभ चंद्राकर की रायपुर वापसी के बाद महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में जांच तेज होने की संभावना है। CBI की पूछताछ में कथित सट्टेबाजी नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल सभी की निगाहें रायपुर की विशेष अदालत में होने वाली पेशी और CBI की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।