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रायपुर-जबलपुर सफर होगा सिर्फ 4 घंटे! ₹15 हजार करोड़ के एक्सप्रेसवे को मंजूरी

रायपुर-जबलपुर सफर होगा सिर्फ 4 घंटे! ₹15 हजार करोड़ के एक्सप्रेसवे को मंजूरी

रायपुर/जबलपुर: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा-सिमगा-रायपुर 6-लेन कॉरिडोर शामिल हैं। परियोजनाओं के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश की बात कही गई है।

क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने इन परियोजनाओं की मंजूरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। इन सड़कों के बनने से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भोपाल से रायपुर तक मजबूत होगी कनेक्टिविटी

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला को जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ के कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा होते हुए रायपुर से कनेक्टिविटी बनाई जाएगी। इस पूरे कॉरिडोर के विकसित होने के बाद भोपाल और रायपुर के बीच सड़क संपर्क पहले के मुकाबले काफी बेहतर होने की उम्मीद है।

रायपुर-जबलपुर का सफर घटकर 4 घंटे तक

परियोजना का सबसे बड़ा फायदा रायपुर और जबलपुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में दोनों शहरों के बीच सड़क मार्ग से पहुंचने में करीब 7 से 8 घंटे लगते हैं। प्रस्तावित 6-लेन कॉरिडोर तैयार होने के बाद यह समय घटकर लगभग 3.5 से 4 घंटे तक रह सकता है। इसी तरह रायपुर से भोपाल के बीच सड़क यात्रा का समय भी मौजूदा 14-15 घंटे से घटकर करीब 6-7 घंटे होने का अनुमान जताया गया है।

6-लेन कॉरिडोर से व्यापार को मिलेगा फायदा

जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा होते हुए चिल्फीघाटी, कवर्धा और रायपुर तक बनने वाला यह मार्ग मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक कनेक्टिविटी तैयार करेगा। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत से जबलपुर-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा-सिमगा-रायपुर मार्ग को अपग्रेड कर 6-लेन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की बात कही गई है। इससे दोनों राज्यों के बीच माल परिवहन तेज होने और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद है।

पर्यटन को भी मिलेगा नया बूस्ट

बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का असर केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच आवागमन आसान होने से पर्यटकों को भी फायदा मिल सकता है। रायपुर, कवर्धा, चिल्फीघाटी, मंडला और जबलपुर जैसे क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय कम होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

'मध्य भारत की लाइफलाइन बनेगा कॉरिडोर'

सांसद संतोष पांडेय ने इन परियोजनाओं को मध्य भारत की कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम बताया। उनका कहना है कि जबलपुर से छत्तीसगढ़ और रायपुर तक विकसित होने वाला यह इंटर-स्टेट कॉरिडोर दोनों राज्यों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक और परिवहन मार्ग साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से व्यापार, रोजगार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के बीच आसान होगा सफर

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और 6-लेन कॉरिडोर के विकसित होने के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर रायपुर-जबलपुर और रायपुर-भोपाल रूट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत साबित हो सकती है। अब परियोजना के अगले चरणों और निर्माण कार्य की प्रगति पर लोगों की नजर रहेगी।


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