US-Iran Tension: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र में अमेरिका की नई एयरस्ट्राइक के बाद तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उसकी सेना ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया और F-35 लड़ाकू विमान को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि अमेरिका की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट के पास सुनाई दिए धमाके
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार तड़के होरमोजगान प्रांत में कई जोरदार धमाके सुनाई दिए। अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को “रक्षात्मक कार्रवाई” बताते हुए कहा कि उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जहां कथित तौर पर समुद्री बारूदी सुरंगें तैयार की जा रही थीं। अमेरिका का दावा है कि इन गतिविधियों से होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरा हो सकता था। यही कारण है कि अमेरिकी सेना ने पूर्व-निरोधात्मक कार्रवाई की।
ईरान का बड़ा दावा, अमेरिकी ड्रोन मार गिराने की बात
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया। साथ ही F-35 और RQ-4 जैसे एडवांस अमेरिकी एयरक्राफ्ट को पीछे हटने पर मजबूर किया गया। ईरानी बयान में कहा गया कि अब वह दौर खत्म हो चुका है जब पश्चिम एशिया अमेरिकी दबाव में चुप बैठा रहता था। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने फिलहाल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सीजफायर और पीस डील पर संकट
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और किसी समझौते तक पहुंचने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच एक शुरुआती फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने और क्षेत्रीय तनाव कम करने पर चर्चा हो रही है। लेकिन सबसे बड़ा विवाद ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को लेकर है। रिपोर्ट्स के अनुसार तेहरान लगभग 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति को रिलीज करने की मांग कर रहा है। यही मुद्दा फिलहाल बातचीत में सबसे बड़ी बाधा माना जा रहा है।
तेल बाजार पर दिखा असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल और LNG व्यापार का रास्ता होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है। तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी दर्ज की गई और तेल करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ सकता है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में 25 तेल टैंकर और कारोबारी जहाज ईरान की अनुमति के बाद स्ट्रेट से गुजरे।
इजरायल ने भी बढ़ाए तेवर
तनाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल विरोधी रुख इस्लामिक रिपब्लिक की पहचान बना रहेगा। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिए कि लेबनान में इजरायली सैन्य अभियान और तेज किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच टकराव और बढ़ता है तो पूरा पश्चिम एशिया बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।