लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को एक दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकों में भाग लिया। करीब चार घंटे तक चले इस कार्यक्रम में संगठन की मजबूती और प्रदेश की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की गई।
वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ की बैठक
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने लगभग 40 मिनट तक कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व मंत्रियों के साथ चर्चा की। इसके अलावा पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों और संगठन के अन्य पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भी उनसे मुलाकात की। बताया जा रहा है कि बैठक में प्रदेश के राजनीतिक हालात और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों को दिए संगठन के गुर
वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के साथ सीधा संवाद किया। प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यकर्ताओं की भारी भीड़, गेट पर बनी अफरा-तफरी
अभनपुर में आयोजित शिविर को गोपनीय रखा गया था, इसके बावजूद प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। कार्यकर्ताओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि कार्यक्रम स्थल के प्रवेश द्वार पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी कुछ समय तक गेट के बाहर ही फंसे रहे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
एयरपोर्ट जाते समय टपरी पर रुके राहुल गांधी
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। रास्ते में उन्होंने एयरपोर्ट के समीप एक चाय की दुकान पर रुककर चाय का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को बिस्किट भी खिलाया। उनके साथ सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
राहुल गांधी से मिलने बाइक से पहुंचा कार्यकर्ता
शिविर में शामिल होने पहुंचे सक्ती जिले के जैजपुर के ब्लॉक अध्यक्ष कौशिक चंद्र ने बताया कि वह राहुल गांधी से मिलने के लिए पहले बाइक से दिल्ली तक जा चुके हैं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी थी। इस बार भी वे बाइक से अभनपुर पहुंचे ताकि राहुल गांधी से मुलाकात कर सकें। उनके इस समर्पण की चर्चा कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच होती रही।