दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज विपक्षी INDIA गठबंधन अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने जा रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में रामलीला मैदान में बड़ी महारैली आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम के जरिए विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाएंगे। 'चलो दिल्ली' के नारे के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। विपक्ष इस प्रदर्शन को लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।
SIR के खिलाफ विपक्ष का बड़ा राजनीतिक अभियान
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। INDIA गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान कई क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने और अन्य अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। हालांकि, भाजपा और केंद्र सरकार विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज करती रही हैं। ऐसे में रामलीला मैदान की यह सभा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकती है।
दोपहर 12 बजे निकलेगा 'चलो दिल्ली' मार्च
रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली से पहले विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से विरोध मार्च निकाला जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान तक पहुंचेगा। दिल्ली पुलिस ने सभा के आयोजन के लिए कुछ शर्तों के साथ अनुमति प्रदान की है। रैली में संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं। मार्च के रास्ते और आसपास के संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
INDIA गठबंधन के आयोजकों ने महारैली में भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई है। आयोजकों की ओर से करीब 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य बताया गया है, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार प्रतिभागियों का है। उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने की तैयारी है। केरल, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 4,000 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 200 से अधिक CCTV कैमरों और ड्रोन की सहायता से निगरानी रखी जाएगी। रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों को अलग-अलग सुरक्षा जोन में बांटकर व्यवस्था की गई है।
राहुल गांधी ने लोगों से की संविधान और वोट के अधिकार की रक्षा की अपील
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से इस महारैली में भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने अपने संदेश में संविधान, लोकतंत्र और मताधिकार की सुरक्षा को इस आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य बताया। राहुल गांधी की अपील के बाद INDIA गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता इस आयोजन को बड़े जनआंदोलन के रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं। विपक्षी दलों की कोशिश है कि इस अभियान में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ाई जाए।
राहुल गांधी की व्यापारियों से खास अपील, स्थानीय दुकानों से खरीदारी करने का आग्रह
महारैली से पहले राहुल गांधी ने दिल्ली पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों से एक अलग अपील भी की है। उन्होंने कहा कि दिवाली, छठ और भाईदूज जैसे त्योहारों के दौरान दिल्ली आने वाले लोग विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के साथ स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी भी करें। राहुल गांधी का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोग छोटी दुकानों से सामान खरीदकर स्थानीय व्यापारियों की आर्थिक मदद कर सकते हैं। उन्होंने भाजपा पर रैली को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया। राहुल गांधी ने अपने संदेश में त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने के साथ स्थानीय कारोबार को समर्थन देना भी संभव है।
महारैली के चलते दिल्ली में ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका
रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और विरोध मार्च के प्रस्तावित रूट को देखते हुए मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। ITO, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और मिंटो रोड सहित आसपास के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा सकता है। वाहन चालकों को इन क्षेत्रों से गुजरने से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेने और अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम लोगों की आवाजाही को सुचारु रखने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
INDIA गठबंधन के लिए सियासी ताकत दिखाने का बड़ा मौका
SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी विवाद के बीच INDIA गठबंधन की यह महारैली राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस आयोजन के जरिए विपक्षी दल अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने और चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने की कोशिश कर रहे हैं। अब राजनीतिक गलियारों की नजरें रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़, विपक्षी नेताओं के भाषणों और इस विरोध प्रदर्शन के आगे की रणनीति पर टिकी हैं। महारैली का असर आने वाले दिनों में विपक्ष की राजनीति और चुनावी मुद्दों की दिशा पर भी दिखाई दे सकता है।