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वोट चोरी के आरोप पर INDIA गठबंधन का मार्च, राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

वोट चोरी के आरोप पर INDIA गठबंधन का मार्च, राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।

विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर राहुल गांधी के नाम से संबंधित याचिका दर्ज होने की जानकारी सामने आई। वहीं, एक जनहित याचिका (PIL) में 11 विपक्षी नेताओं को याचिकाकर्ता बनाया गया।

राहुल गांधी का मोदी सरकार पर आरोप

विरोध मार्च से पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि सरकार के 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उसे जानकारी दे रहे हैं।

विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है। INDIA गठबंधन का कहना है कि इन मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, राहुल गांधी की ओर से अधिकारियों को लेकर किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

मार्च के दौरान दिल्ली में सुरक्षा कड़ी

विपक्षी नेताओं के मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। सुरक्षा कारणों से छह मेट्रो स्टेशनों पर शाम 4 बजे तक यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक लगाई गई। इससे संबंधित मेट्रो सेवाओं के इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को भी प्रभावित होना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर भी विवाद

इसी बीच, गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर को दिल्ली में निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसके स्थान पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन अन्य जगहें तय की गई हैं।

जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति से जुड़ी याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट में 13 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। ऐसे में अदालत की सुनवाई पर भी नजर रहेगी, क्योंकि इसका असर राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के आयोजन से जुड़े नियमों पर पड़ सकता है।

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की मुहिम तेज

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं की भागीदारी से यह प्रदर्शन INDIA गठबंधन की संयुक्त राजनीतिक मुहिम के तौर पर सामने आया। विपक्ष की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर जवाबदेही की है।

 


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