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अवैध रेत खनन की भेंट चढ़ी मासूम की जिंदगी, ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर बच्चे की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा, किया चक्काजाम 

अवैध रेत खनन की भेंट चढ़ी मासूम की जिंदगी, ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर बच्चे की मौत, परिजनों का फूटा गुस्सा, किया चक्काजाम 

कुश अग्रवाल/ बलौदा बाजार: प्रशासन चाहे अवैध रेत खनन एवम परिवहन रोकने का कितना भी दावा करें, लेकिन अवैध खनन बलौदा बाजार जिले में रुकने का नाम ही नहीं ले रही है ।इसी अवैध खनन के कारण आज एक 8 वर्षीय मासूम की  ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर से मौत हो गई ।ग्रामीण एवं परिजनों ने बच्चे के शव को ले जाने से मना कर दिया एवं उचित कार्रवाई वह मुआवजे की मांग को लेकर गांव में ही चक्का जाम कर दिया।

ग्रामीणों ने लगाया पैसे लेकर गाड़ी छोड़ने का आरोप: 

पूरा मामला बलौदा बाजार जिले से लगे पलारी तहसील अंतर्गत ग्राम खैरी का है जहां महीनो से अवैध रेत उत्खनन का कार्य जारी है, ग्रामीणों ने बताया कि गांव से 5 किलोमीटर आगे ग्राम मुड़ियाडीह में महानदी से प्रतिदिन सैकड़ो गाड़ियां ट्रैक्टर अवैध रेत लेकर हमारे गांव खैरी की सकरी गलियों से निकलती है, इस बारे में हमने कई बार प्रशासन को भी सूचना दी इसके बावजूद खनिज विभाग राजस्व विभाग के अधिकारी आते हैं और देखकर चले जाते हैं। ग्रामीणों ने तो यह भी आरोप लगाया कि अवैध खनन पर विभाग के कुछ अधिकारी  गाड़ी वालो से पैसा लेकर छोड़ देते है।

कार्रवाई और मुआवजे के आश्वासन मिलने पर उठाई लाश: 

आज ग्राम खैरी में सुबह 7:30 बजे मासूम बच्चे की मौत होने से ग्रामवासी उग्र हो गए, जिस पर आनन फानन में पूरा प्रशासनिक अमला गांव पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश दी, और कारवाई करने की सहमति दी,,इसके बाद मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने शव को उठाकर ले जाने की मंजूरी दी ,,मौके पर पुलिस विभाग के आलाधिकारी सहित राजस्व विभाग के तहसीलदार ,खनिज विभाग के जिला निरीक्षक भूपेंद्र भगत एवं पंचायत सहित आसपास के जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।

आये दिन हो रहे दुर्घटनाओं के बाद भी प्रशासन क्यों चुप? 

अब सवाल यह उठता है कि इतने दिनों से अवैध उत्खनन होने के बावजूद प्रशासन क्यों आंख मूंदे बैठा रहा, कुछ ग्रामीणों ने बताया कि इसमें वन विभाग की जिम्मेदारी भी बनती है क्योंकि रेत तस्कर ग्राम अमेठी से मुडियाडीह तक जंगल के अंदर ही अंदर पेड़ काटकर 1 किलोमीटर लंबा रास्ता बना लिए हैं,,और यह उत्खनन महीनो  से चल रहा है ,उसके बावजूद भी वन विभाग को इसकी जानकारी ना होना विभाग पर सवालिया निशान खड़े करता है इसमें वन विभाग भी उतना ही जिम्मेदार है जितना खनिज विभाग। अब देखना यह होगा कि इस हादसे के बाद प्रशासन क्या सबक लेता है ।अवैध रेत खनन एवम परिवहन रुकवा पता है या फिर खनन ऐसे  ही पूरे जिले में बदस्तूर जारी रहेगा।


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