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Himachal Pradesh Monsoon: पहली ही बारिश बनी आफत, 9 लोगों की मौत, 49 से ज्यादा सड़कें बंद यात्रा से पहले पढ़ें अपडेट

Himachal Pradesh Monsoon: पहली ही बारिश बनी आफत, 9 लोगों की मौत, 49 से ज्यादा सड़कें बंद यात्रा से पहले पढ़ें अपडेट

शिमला। Himachal Pradesh Monsoon Update: हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत ही भारी तबाही लेकर आई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

बारिश और हादसों में गई 9 लोगों की जान

आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक अलग-अलग घटनाओं में अब तक नौ लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें चार लोगों की ऊंचाई से गिरने, एक व्यक्ति की डूबने और दो लोगों की करंट लगने से मौत हुई। इसके अलावा अन्य हादसों में भी लोगों की जान गई है। लाहौल-स्पीति जिले में एक दर्दनाक हादसे में एचआरटीसी बस के कंडक्टर ज्ञान सिंग की मौत हो गई। बताया गया कि वह बावड़ी के पास मुंह धो रहे थे, तभी पहाड़ी से भारी चट्टान गिरकर उनके सिर पर आ गिरी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

चंबा और लाहौल-स्पीति में सबसे ज्यादा असर

भारी बारिश के चलते चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में सियूंर नाले में अचानक आई बाढ़ ने सड़क का लगभग 60 फीट हिस्सा बहा दिया। इसके कारण होली-सियूंर-ग्रीमा मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं चंबा-भरमौर हाईवे भी भूस्खलन के कारण कई घंटों तक बाधित रहा। कांगड़ा जिले के देहरा में भी एक प्लंबर की पानी का पंप लगाते समय करंट लगने से मौत हो गई।

बिजली व्यवस्था भी प्रभावित

बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। प्रदेश के विभिन्न इलाकों में 42 ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं, जिससे कई क्षेत्रों में घंटों से बिजली आपूर्ति बाधित है। शिमला के निरसू गांव में बिजली का तार टूटकर गिरने से 60 वर्षीय महिला करंट की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार बारिश के कारण खुले तार में करंट दौड़ गया था।

अगले 24 घंटे रहेंगे चुनौतीपूर्ण

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुल्लू, शिमला, सिरमौर और ऊना जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रों में हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है।

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़क धंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

क्यों बढ़ जाता है लैंडस्लाइड का खतरा?

मानसून की शुरुआती बारिश में पहाड़ों की मिट्टी काफी कमजोर हो जाती है। लगातार तेज बारिश होने पर मिट्टी और चट्टानें खिसकने लगती हैं, जिससे भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। वहीं उफनते नाले और नदियां भी जानलेवा साबित हो सकती हैं।


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