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छत्तीसगढ़ में हाथियों का खौफ: कन्या छात्रावास में घुसा 3 हाथियों का दल, बाल-बाल बचे 58 बच्चे

छत्तीसगढ़ में हाथियों का खौफ: कन्या छात्रावास में घुसा 3 हाथियों का दल, बाल-बाल बचे 58 बच्चे

पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के मरवाही वनमंडल में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कटहल की खुशबू से आकर्षित होकर तीन हाथी कन्या छात्रावास परिसर में पहुंच गए। हाथियों ने छात्रावास की बाउंड्रीवाल को कई जगह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा गार्ड रूम के दरवाजे और खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा। हाथियों के छात्रावास परिसर में घुसने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। छात्रावास में रह रहे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल एहतियाती कदम उठाए गए।

58 बच्चों को रात में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

हाथियों की मौजूदगी के बीच छात्रावास में रह रहे 58 बच्चों को रात करीब 12 बजे दूसरे छात्रावास में सुरक्षित शिफ्ट कर दिया गया। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की तत्परता के चलते सभी बच्चों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

पांच जगह से टूटी छात्रावास की बाउंड्रीवाल

बताया जा रहा है कि हाथियों ने छात्रावास की बाउंड्रीवाल को करीब पांच स्थानों पर तोड़ दिया। खास बात यह है कि इस परिसर की बाउंड्रीवाल को हाथियों द्वारा पहले भी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। बार-बार दीवार टूटने की घटनाओं ने छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाथियों के बार-बार परिसर तक पहुंचने से छात्रावास में रहने वाले बच्चों और कर्मचारियों में भी डर का माहौल है।

कटहल की खुशबू बनी हाथियों के पहुंचने की वजह

वन विभाग के अनुसार छात्रावास परिसर में लगे कटहल के पेड़ों पर पके हुए फल मौजूद थे। इनकी तेज खुशबू हाथियों को परिसर की ओर आकर्षित कर रही थी। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम ने दिन निकलने के बाद परिसर में लगे कटहल के पके फलों को तोड़कर अलग कर दिया। वन विभाग का प्रयास है कि हाथियों को आकर्षित करने वाले कारणों को हटाकर उन्हें छात्रावास परिसर से दूर रखा जा सके।

रातभर निगरानी करता रहा वन विभाग

हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीम रातभर इलाके में मौजूद रही। टीम लगातार हाथियों की निगरानी करती रही और उन्हें छात्रावास तथा आसपास के आबादी वाले क्षेत्र से दूर रखने का प्रयास किया गया। प्रशासन और वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि हाथियों के आसपास जाने, उन्हें देखने के लिए भीड़ लगाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने से बचें। वन्य हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही किसी संभावित हादसे को रोकने का सबसे बेहतर तरीका है। 


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