चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना अभियान तेज करने का ऐलान किया है। CJP संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर 26 सितंबर तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो संगठन 2 अक्टूबर से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।
दीपके के मुताबिक, आंदोलन की शुरुआत मुंबई से होगी और इसके बाद इसे देश के दूसरे शहरों तक ले जाने की योजना है। उन्होंने 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से इस अभियान को शुरू करने की घोषणा की है।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर CJP का अभियान
CJP ने 24 सितंबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी मांगें सामने रखी थीं। संगठन की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया पर रोक और जनवरी 2025 की मतदाता सूची को बहाल करना शामिल है। इसके अलावा CJP ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून में बदलाव और चुनाव आयोग में सुधार की मांग भी उठाई है। संगठन की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मांग भी रखी गई है।
SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर उठे सवाल
CJP का ताजा ऐलान ऐसे समय हुआ है जब SIR को लेकर चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 मौकों पर आयोग के फैसलों और आदेशों को लेकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी डेटाबेस तक पहुंच जैसे मुद्दों से संबंधित थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों के बारे में कहा था कि वे उनकी जानकारी के बिना लिए गए। मतदाता डेटाबेस के कथित केंद्रीकरण और Form-6 में किए गए बदलाव को लेकर भी आपत्तियां दर्ज होने की बात सामने आई है।
विपक्ष ने भी उठाया मुद्दा
SIR को लेकर विपक्षी दल पहले से सवाल उठाते रहे हैं। चुनाव आयोग के भीतर दो आयुक्तों की आपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हुई है। वहीं, विपक्षी सांसदों की ओर से CEC के खिलाफ हटाने की प्रक्रिया को लेकर भी नए नोटिस की तैयारी की खबर सामने आई है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 24 अप्रैल को राज्यसभा में विपक्षी सांसदों की ओर से दिया गया एक नोटिस लंबित है और हालिया रिपोर्ट के बाद नया नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।
अब 2 अक्टूबर पर नजर
CJP के ऐलान के मुताबिक, यदि 26 सितंबर तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर को मुंबई से आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन को देश के अन्य शहरों तक ले जाने की योजना है।इस पूरे घटनाक्रम के बीच SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस जारी है। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि संस्थानों में मतभेद होना सामान्य है और उसके सभी कदम कानून के अनुरूप हैं।