शिवम आर्य, ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक अनोखी, दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है। ग्वालियर पुलिस इन दिनों एक ऐसे अनूठे मामले की तफ्तीश में जुटी है, जो सामान्य आपराधिक और कत्ल-डकैती जैसे मुकदमों से पूरी तरह जुदा है। ग्वालियर आईजी के निर्देश पर लापता लड्डू गोपाल की तलाश के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। अब तीन थानों की पुलिस की टीम पांच महीने से गुमशुदा ठाकुर जी की खोजबीन करेगी।
ठाकुर जी के बिना अधूरी विजया
दरसअल, ग्वालियर के पॉश इलाके अलकापुरी में रहने वाली विजया शर्मा लड्डू गोपाल को सिर्फ एक प्रतिमा नहीं, बल्कि अपने घर का सदस्य और अपना आराध्य मानती हैं। वे उन्हें हर पल अपने साथ रखती थीं। जानकारी के अनुसार, बीते 29 जनवरी 2026 को विजया शर्मा अपने लड्डू गोपाल को साथ लेकर बाजार गई थीं। इसी दौरान बाजार की भीड़भाड़ के बीच लड्डू गोपाल कहीं गुम हो गए। इसके बाद से विजया ने अपने स्तर पर कान्हा की तलाश की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
विजया की अधिकारियों से गुहार
पिछले 5 महीनों से लगातार विजया शर्मा अपने कान्हा की तलाश में दर-दर भटक रही थीं। वे कई बार रोते हुए पुलिस अधीक्षक और आईजी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने पुलिस से पुकार लगाते हुए कहा कि ठाकुर जी के बिना उनका जीवन पूरी तरह अधूरा है। महिला की इस सच्ची आस्था को देखकर आईजी ने एक मिसाल पेश की। उन्होंने तत्काल 3 थानों की पुलिस को मिलाकर एक स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम खड़ी कर दी। इस टीम का टास्क ग्वालियर के चप्पे-चप्पे को खंगालकर लड्डू गोपाल को सकुशल बरामद करना है।
चर्चा का विषय बना मामला
पुलिस के इस कद की अब शहर में चर्चा होने लगी है। लोगों का कहना है कि जहां एक ओर पुलिस पर संवेदनहीनता के आरोप लगते हैं, वहीं ग्वालियर पुलिस का यह कदम काबिल-ए-तारीफ है। इस अनोखे सर्च ऑपरेशन की खबर सामने आते ही ग्वालियर शहर के लोगों का ध्यान इस ओर खिंच गया है। लोग सोशल मीडिया पर विजया शर्मा की आस्था की सराहना कर रहे हैं और कान्हा के जल्द मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।