सीहोर। पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य और नेतृत्व में मंगलवार को सीहोर में प्रदोष काल के दौरान विशाल कावड़ यात्रा निकाली गई। धार्मिक आस्था से जुड़ी इस यात्रा में देशभर से पहुंचे दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान पूरा शहर शिवभक्ति और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
सनातन परंपरा में कावड़ का विशेष स्थान
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कावड़ की धार्मिक महत्ता बताते हुए कहा कि सनातन परंपरा में कावड़ का विशेष स्थान है। मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव के विष के प्रभाव को शांत करने के उद्देश्य से कावड़ अर्पित की थी। इसके बाद रावण ने ऐश्वर्य और परशुराम ने वीरता की कामना से कावड़ यात्रा की।
श्रद्धा और भाव समर्पित करने श्रद्धालु उठाते है कावड़
पंडित प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि श्रद्धालु रोग निवारण, कार्य सिद्धि और अपनी मनोकामनाओं के साथ महादेव के प्रति श्रद्धा और भाव समर्पित करने के लिए कावड़ उठाते हैं।
व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम
विशाल भीड़ को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका की ओर से सुरक्षा, यातायात, पेयजल तथा अन्य व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए। यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अमला पूरे समय मुस्तैद रहा।