गुरुग्राम: हरियाणा के पूर्व मंत्री और कारोबारी गोपाल कांडा से जुड़े गुरुग्राम के तीन ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित रियल एस्टेट वित्तीय अनियमितता और फंड के संभावित डायवर्जन की जांच के तहत की गई। ED ने यह तलाशी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धारा 17 के तहत की है।
घर, ऑफिस और फार्महाउस पर एक साथ कार्रवाई
जांच एजेंसी की टीमों ने गुरुग्राम में गोपाल कांडा से जुड़े आवास, कार्यालय और फार्महाउस को तलाशी के दायरे में लिया। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का प्रमुख उद्देश्य मामले में पैसों की आवाजाही और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच करना है। ED की जांच वाटिका लिमिटेड के चार कमर्शियल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े मामले पर केंद्रित है। एजेंसी के अनुसार, इन परियोजनाओं में करीब 661 निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। निवेशकों को समय पर कब्जा, सुनिश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड पूरी करने जैसे आश्वासन दिए जाने की बात जांच में सामने आई है।
निवेशकों को कब्जा और सेल डीड नहीं मिलने का आरोप
ED के मुताबिक, जांच के दायरे में आए प्रोजेक्ट्स में रकम लेने के बावजूद निवेशकों को अब तक संपत्तियों का कब्जा नहीं मिलने और वादा की गई सेल डीड पूरी नहीं होने का मामला सामने आया है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेशकों से प्राप्त रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया और कथित तौर पर डायवर्ट किए गए फंड किन कंपनियों के खातों तक पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, जांच में कुछ रकम गोपाल कांडा से जुड़ी कंपनियों तक पहुंचने का संदेह सामने आया है।
मनी ट्रेल पर ED की नजर
छापेमारी का एक अहम पहलू पैसों की पूरी श्रृंखला यानी मनी ट्रेल को समझना है। एजेंसी यह जांच कर रही है कि रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए निवेशकों से जुटाई गई रकम किन-किन खातों और कंपनियों के माध्यम से आगे बढ़ी। वाटिका लिमिटेड से जुड़े मामले में ED पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। अक्टूबर 2024 में एजेंसी ने दिल्ली और गुरुग्राम में 15 परिसरों पर तलाशी ली थी। उस कार्रवाई में निवेश से संबंधित दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों समेत विभिन्न रिकॉर्ड जब्त किए गए थे। ED ने उस जांच में करीब 250 करोड़ रुपये के कथित अपराध से प्राप्त धन (Proceeds of Crime) की पहचान किए जाने की जानकारी दी थी।
2023 में भी कांडा से जुड़े परिसरों पर हुई थी कार्रवाई
गोपाल कांडा से जुड़े परिसरों पर ED की यह पहली कार्रवाई नहीं है। अगस्त 2023 में भी जांच एजेंसी ने उनके आवास और MDLR एयरलाइंस से जुड़े कार्यालयों पर तलाशी अभियान चलाया था। उस समय भी एजेंसी ने उनके कारोबारी और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की थी। मौजूदा कार्रवाई हालांकि वाटिका लिमिटेड से जुड़े रियल एस्टेट मामले और कथित फंड ट्रांसफर की जांच से संबंधित है।
गीतिका शर्मा केस में भी चर्चा में रहे थे कांडा
गोपाल कांडा का नाम वर्ष 2012 में पूर्व एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा की आत्महत्या के मामले में भी सामने आया था। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। बाद में जुलाई 2023 में दिल्ली की अदालत ने गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा को मामले में बरी कर दिया था। इसलिए मौजूदा ED कार्रवाई को उस पुराने आपराधिक मामले से अलग समझना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल ED की जांच जारी है। एजेंसी का फोकस कथित फंड डायवर्जन, कंपनियों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन और निवेशकों से प्राप्त रकम की मनी ट्रेल पर है। तलाशी के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ सकती है। मौजूदा कार्रवाई में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो