खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद और उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कृषि विभाग ने संचालक कृषि राहुल देव (आईएएस) के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रखी गई यूरिया जब्त की गई और एक विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
भानपुरी में 120 बोरी यूरिया जब्त
निरीक्षण के दौरान भानपुरी स्थित मेसर्स वर्षा कृषि केंद्र में 120 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण मिला। कृषि विभाग ने तत्काल उर्वरक की बिक्री पर रोक लगाते हुए पूरा स्टॉक जब्त कर लिया। मामले की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी गई है और उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लाइसेंस निरस्त, कई दुकानों को नोटिस
कार्रवाई के दौरान दर्री स्थित मेसर्स अशोक ट्रेडर्स का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया। विभाग के अनुसार, संबंधित विक्रेता पिछले दो वर्षों से लाइसेंस होने के बावजूद उर्वरक कारोबार का संचालन नहीं कर रहा था। वहीं खरेंगा, कण्डेल और झिरिया के कई उर्वरक विक्रय केंद्रों में रिकॉर्ड और संचालन संबंधी अनियमितताएं मिलने पर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
31 अगस्त तक चलेगा विशेष सतर्कता अभियान
कृषि विभाग ने जानकारी दी कि जिले में 1 जुलाई से 31 अगस्त तक उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान जमाखोरी, कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, टैगिंग और बिना पीओएस मशीन के बिक्री जैसी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
किसानों से अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदने की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से केवल अधिकृत विक्रेताओं से खाद खरीदने, खरीद की रसीद सुरक्षित रखने और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत तुरंत कृषि विभाग को देने की अपील की है। विभाग के अनुसार, जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, सुपर फॉस्फेट, पोटाश और एनपीके उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है।