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रायपुर कोर्ट परिसर में फर्जी वकील गिरफ्तार, कई पहचान पत्र और बड़े नेटवर्क की आशंका

रायपुर कोर्ट परिसर में फर्जी वकील गिरफ्तार, कई पहचान पत्र और बड़े नेटवर्क की आशंका

राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर में एक व्यक्ति को कथित तौर पर फर्जी वकील बनकर घूमते हुए पकड़ा गया। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की सतर्कता से आरोपी की पहचान हुई, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले की जांच में कई संदिग्ध तथ्य सामने आए हैं, जिससे एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।

पूछताछ में बदलता रहा नाम, बढ़ा संदेह

जानकारी के अनुसार आरोपी न्यायालय परिसर में खुद को अधिवक्ता बताकर लोगों से संपर्क कर रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर अधिवक्ताओं ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने अलग-अलग नाम बताकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। कभी उसने खुद को हरीश डहरिया बताया तो कभी मनीष कुर्रे के नाम से परिचय दिया, जिससे उसके खिलाफ शक और गहरा गया।

कई संदिग्ध दस्तावेज मिले

जांच के दौरान आरोपी के पास से चार से पांच आधार कार्ड समेत अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए। शुरुआती जांच में इन दस्तावेजों की वैधता पर सवाल उठे हैं। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

क्लाइंट के विवाद से खुला मामला

सूत्रों के मुताबिक आरोपी किसी व्यक्ति का न्यायालय संबंधी काम कराने के नाम पर कोर्ट पहुंचा था। जब संबंधित कार्य पूरा नहीं हो सका तो क्लाइंट ने कोर्ट परिसर में हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी दौरान अधिवक्ताओं का ध्यान आरोपी की ओर गया और उसकी गतिविधियों की पड़ताल शुरू हुई, जिसके बाद पूरा मामला उजागर हो गया।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

रायपुर जिला बार एसोसिएशन ने आरोपी को पकड़कर सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी अकेला नहीं हो सकता। प्रारंभिक जांच में उसके साथ जुड़े पांच अन्य लोगों के फरार होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

कोर्ट परिसर में गतिविधियों की जांच

सिविल लाइन थाना पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कब से न्यायालय परिसर में सक्रिय था और उसने कितने लोगों को अपने झांसे में लिया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले और संभावित गिरोह की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आएगी।


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