भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 24.14 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां अटैच की हैं। एजेंसी ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ विशेष PMLA अदालतों में अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) भी दाखिल की है। सभी मामलों की जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है।
पूर्व जिला आबकारी अधिकारी पर सबसे बड़ी कार्रवाई
ईडी ने अलीराजपुर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ इंदौर स्थित विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। यह जांच लोकायुक्त की स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट (SPE) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी।
जांच में आरोप है कि सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की और कथित अवैध कमाई को अपने तथा परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया। ईडी ने इस मामले में 18.20 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, सोना, चांदी, अचल संपत्तियां और अन्य निवेश अटैच किए हैं। अदालत ने आरोपी को नोटिस भी जारी कर दिया है।
NCL के पूर्व CMD भी जांच के दायरे में
एक अन्य मामले में ईडी ने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के पूर्व CMD भोला सिंह के खिलाफ जबलपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इस मामले में पहले ही 2.79 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।
यह जांच सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर तीसरे पक्ष के माध्यम से धन प्राप्त कर अन्य राशि के साथ रांची के SAIL सिटी में फ्लैट खरीदा। कार्रवाई के दौरान बैंक लॉकर से मिले सोने के आभूषण और रांची स्थित आवासीय फ्लैट भी अटैच किए गए हैं।
अन्य मामलों की जांच भी जारी
ईडी ने बताया कि तीनों मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अभियोजन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।