भोपाल : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने जा रहे है। यह यात्रा 2 अक्टूबर से शुरू होगी। जोकि पूरी तरफ से गैर राजनैतिक होगी। इतना ही नहीं इस दौरान दिग्विजय सिंह राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
पदयात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक
दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या पहुंचने के बाद वह चंदा गबन से जुड़े मामले में कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाएंगे। दिग्विजय ने साफ़ कहा कि उन्हें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है, क्योकि पुलिस बीजेपी के लिए काम करती है। इसलिए वह पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के बजाय सीधे न्यायालय का रुख करेंगे।
चंदा वापसी के लिए करेंगे केस
यात्रा का मुख्या उद्देश्य राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और उज्जैन से जुड़े कथित जमीन घोटालों तथा राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना है। दिग्विजय 5 या 6 जुलाई को अयोध्या पहुंचेंगे और वहीं पर चंदा चोरी के खिलाफ मामला दर्ज करवाएंगे.
आठ आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
गौरतलब है कि राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी का मामला इन दिनों चर्चा में है। इस मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और वे न्यायिक हिरासत में हैं। साथ ही मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
दिग्विजय ने घर के बाहर लगाया पोस्टर
इतना ही नही दिग्विजय सिंह ने भोपाल स्थित अपने सरकारी निवास के बाहर एक पोस्टर लगाया है, जिसमें लिखा है कि चंदा चोरों का प्रवेश उनके घर में निषेध है. दिग्विजय सिंह ने यह अपील कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और आम लोगों से भी की है कि वह अपने घर के बाहर इसी तरह का पोस्टर लगाए और उसमें लिखें कि चंदा चोर उनके घर में प्रवेश न करें.
रोजाना 10 से 15 KM का होगा सफर
बता दें कि उज्जैन से अयोध्या की दूरी लगभग 1000 किलोमीटर लंबी है, जिसे पूरा करने के लिए दिग्विजय रोजाना 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलेंगे । दिग्विजय सिंह ने यह भी घोषणा की कि अपनी पुरानी 'नर्मदा परिक्रमा यात्रा' की तरह ही वे इस पूरी यात्रा के दौरान फेसबुक और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पूरी तरह दूरी बनाकर रखेंगे।