सुकमा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा झीरम घाटी पहुंचे। उन्होंने झीरम के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया। इस दौरान उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और शांति, लोकतंत्र व विकास के संकल्प को दोहराया।
झीरम की घटना को बताया छत्तीसगढ़ की बड़ी त्रासदी
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने झीरम घाटी की घटना को छत्तीसगढ़ के इतिहास की गंभीर त्रासदियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना में प्रदेश ने कई अनुभवी और वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों को खोया था। उन्होंने पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय महेंद्र कर्मा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार पटेल और वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल समेत झीरम के सभी शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया।
लोकतंत्र और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा बस्तर
विजय शर्मा ने कहा कि लंबे समय तक बस्तर हिंसा और भय के माहौल से प्रभावित रहा। उन्होंने दावा किया कि आज परिस्थितियों में बड़ा बदलाव आया है और लोकतंत्र तथा विकास की पहुंच सुदूर क्षेत्रों तक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि जिन ताकतों ने बस्तर में भय का वातावरण बनाए रखा और विकास की राह को बाधित किया, उन्हें कमजोर किया गया है। उनके मुताबिक अब बस्तर में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हो रहा है।
"बस्तर अब खुली हवा में सांस ले रहा है"
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश का बस्तर उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
शहीदों के परिजनों से मिले डिप्टी सीएम
कार्यक्रम के दौरान विजय शर्मा ने झीरम के शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उनका सम्मान किया। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से शहीदों की स्मृति और सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए सौंपी।
"गोलियों से नहीं, हौसले और विश्वास से बदला बस्तर"
विजय शर्मा ने कहा कि अब बस्तर की प्रगति को रोकना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हुई हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में बदलाव केवल सुरक्षा अभियान से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से आया है। सरकार का प्रयास है कि हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले भटके युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
3 हजार से ज्यादा लोगों के पुनर्वास का दावा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का असर दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनते हुए हिंसा छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने इसे बस्तर में शांति और विश्वास की नई शुरुआत का संकेत बताया।
झीरम के दोषियों को रोल मॉडल मानने पर चिंता
विजय शर्मा ने झीरम घटना में शामिल नक्सलियों को कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर रोल मॉडल माने जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि झीरम की घटना में प्रदेश ने अपना शीर्ष नेतृत्व खोया था और ऐसी घटना में शामिल लोगों का महिमामंडन नहीं होना चाहिए उन्होंने कहा कि शहीदों के बलिदान को याद रखना और उनके सपनों के अनुरूप शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं विकसित बस्तर का निर्माण करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।