छत्तीसगढ़ में छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। NSUI ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर सरकार से चुनाव कराने की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और अपनी आवाज बुलंद की।
लंबे समय से चुनाव बंद होने पर नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि पिछले एक दशक से छात्र संघ चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं रखने का मंच नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति लोकतंत्र की पहली सीढ़ी होती है, और इसे बंद रखना छात्रों के अधिकारों के साथ अन्याय है।
छात्रों की आवाज को मंच देने की मांग
NSUI कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि चुनाव बहाल होने से छात्रों को नेतृत्व का अवसर मिलेगा और कॉलेज-विश्वविद्यालयों में उनकी समस्याओं का समाधान बेहतर तरीके से हो सकेगा। उन्होंने सरकार से जल्द इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
ABVP ने समर्थन के साथ जताई आपत्ति
वहीं ABVP ने भी छात्र संघ चुनाव कराने का समर्थन किया, लेकिन प्रदर्शन के समय को लेकर आपत्ति जताई। प्रदेश महामंत्री अनंत सोनी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा के समय को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए आयोजन का समय सोच-समझकर तय किया जाना चाहिए।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ प्रदर्शन
पूरे प्रदेश में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। कहीं से भी किसी तरह की हिंसा या अव्यवस्था की खबर सामने नहीं आई। छात्र संगठनों ने अपने-अपने तरीके से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की कोशिश की।
फिर चर्चा में आई छात्र राजनीति
इस प्रदर्शन के बाद राज्य में छात्र राजनीति एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक ओर NSUI चुनाव बहाली के लिए आंदोलन कर रही है, वहीं ABVP भी पारदर्शी प्रक्रिया के साथ चुनाव कराने की वकालत कर रही है।