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दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर सख्ती, GRAP-2 लागू; डीजल जनरेटर और कोयले के इस्तेमाल पर पाबंदी

दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर सख्ती, GRAP-2 लागू; डीजल जनरेटर और कोयले के इस्तेमाल पर पाबंदी

दिल्ली-NCR की बिगड़ती हवा ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2 नवंबर 2026 से पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP के स्टेज-2 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले कई स्रोतों पर सख्ती की जाएगी। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के इस्तेमाल को नियंत्रित किया जाएगा, जबकि होटल, रेस्टोरेंट और खुले भोजनालयों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।

2 नवंबर को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) शाम 4 बजे 324 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इसके बाद CAQM ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए GRAP-2 के उपाय लागू करने का फैसला लिया। आयोग ने संबंधित एजेंसियों को पहले चरण के साथ दूसरे चरण के सभी जरूरी कदमों का भी सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।

 

डीजल जनरेटर और कोयले के इस्तेमाल पर सख्ती

GRAP-2 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंधात्मक नियम लागू होंगे। आपातकालीन सेवाओं को इसमें छूट रहेगी। वहीं होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में तंदूर सहित खाना पकाने के लिए कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। इसके स्थान पर बिजली, गैस या स्वच्छ ईंधन वाले उपकरणों का उपयोग करना होगा।

खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर भी रोक रहेगी। निर्माण और अन्य गतिविधियों से निकलने वाले कचरे के उचित संग्रह और निपटान पर जोर दिया जाएगा। सड़कों की मैकेनिकल सफाई, पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल जैसे उपाय भी तेज किए जाएंगे।

 

लोगों से निजी वाहन कम चलाने की अपील

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आम लोगों से भी सहयोग मांगा गया है। नागरिकों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने और जहां संभव हो, कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी गई है। वाहनों की नियमित देखभाल, एयर फिल्टर की समय-समय पर जांच और ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद रखने जैसे कदम उठाने को कहा गया है।

जिन लोगों का काम घर से हो सकता है, उन्हें वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी गई है। रसोई की चिमनी के फिल्टर साफ रखने और कचरे को खुले में नहीं जलाने की अपील भी की गई है।

क्या होता है GRAP-2 और कब लागू होता है?

GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान प्रदूषण से निपटने के लिए बनाया गया चरणबद्ध आपातकालीन सिस्टम है। जब दिल्ली का AQI 301 से 400 के बीच पहुंचता है, तब GRAP का दूसरा चरण लागू किया जाता है। इस स्तर को ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता की श्रेणी माना जाता है। इसका मकसद प्रदूषण को और गंभीर होने से रोकना और हवा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।


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